सिरोही। शैक्षणिक नवाचार और कौशल विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए माधव विश्वविद्यालय के कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर में आयोजित 10 दिवसीय स्कूली इंटर्नशिप एवं 'ऑन जॉब ट्रेनिंग' कार्यक्रम का भव्य समापन हुआ। महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, काछोली के विद्यार्थियों के लिए आयोजित इस विशेष प्रशिक्षण सत्र ने न केवल छात्रों को किताबी ज्ञान से बाहर निकाला, बल्कि उन्हें कृषि की आधुनिक दुनिया और इसमें छिपी स्वरोजगार की असीम संभावनाओं से भी रूबरू कराया। कार्यक्रम के दौरान परिसर का वातावरण कृषि विज्ञान की नई ऊर्जा से सराबोर नजर आया।

प्रशिक्षण के इन दस दिनों में विद्यार्थियों ने कृषि क्षेत्र की बारीकियों को जमीन पर उतरकर समझा। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में छात्र-छात्राओं को पॉलीहाउस प्रबंधन, किचन गार्डन तैयार करने की कला और सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों के प्रभावी उपयोग का व्यावहारिक ज्ञान दिया गया। इसके अतिरिक्त, नर्सरी प्रबंधन, इंटरक्रॉपिंग और जैविक खेती के आधार स्तंभ वर्मी कम्पोस्ट निर्माण जैसी आधुनिक तकनीकों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। कृषि शिक्षक इन्दर कुमार घांची ने जानकारी दी कि कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर के अधिष्ठाता प्रो. (डॉ.) गीतम सिंह के कुशल निर्देशन में यह पूरा कार्यक्रम योजनाबद्ध तरीके से संपन्न हुआ। प्रशिक्षण के समापन पर मेधावी और सक्रिय विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के चांसलर हिम्मत सिंह देवल ने प्रशिक्षण की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस प्रकार के व्यावहारिक कार्यक्रम विद्यार्थियों में गुणवत्ता विकसित करने के साथ-साथ उनके भावी जीवन को समृद्ध बनाने में सहायक सिद्ध होंगे। विश्वविद्यालय के वाइस प्रेसिडेंट प्रो. (डॉ.) राजीव माथुर ने कृषि कौशल को वर्तमान समय की आवश्यकता बताते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों की निरंतरता पर बल दिया। प्रो-प्रेसिडेंट प्रो. (डॉ.) सुशील भार्गव ने इस 10 दिवसीय प्रशिक्षण को व्यावसायिक दृष्टि से मील का पत्थर करार दिया। वहीं, रजिस्ट्रार डॉ. भावेश कुमावत ने कहा कि इंटर्नशिप के माध्यम से विद्यार्थियों के व्यावहारिक ज्ञान में होने वाली वृद्धि उन्हें पेशेवर जगत के लिए तैयार करती है।

अधिष्ठाता प्रो. (डॉ.) गीतम सिंह ने छात्रों को आधुनिक तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने का आह्वान किया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अकादमिक सदस्य डॉ. प्रीति महावर, डॉ. सीताराम सीरवी, डॉ. आलोक कुमार, डॉ. विशाल चौधरी, डॉ. शेखर देसाई, कैलाश परिहार, शाहरुख खान, अभिलाषा रॉय और विद्यालय के प्रभारी अध्यापक हंसराम मीणा की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। यह प्रशिक्षण न केवल छात्रों के लिए ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि इसने क्षेत्र के युवाओं के लिए कृषि को एक आधुनिक और लाभप्रद करियर विकल्प के रूप में देखने की नई दृष्टि भी प्रदान की।

Pratahkal Bureau

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