सिरोही-माउंट आबू। सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्णय के बाद आज राजस्थान के युवाओं ने अरावली पर्वतमाला के संरक्षण और जागरूकता के लिए एक ऐतिहासिक पहल की। माउंट आबू की उच्चतम चोटी गुरु शिखर से अरावली बचाओ अभियान की शुरुआत करते हुए छात्र नेता निर्मल चौधरी ने प्रदेशभर के युवाओं के साथ एक 1000 किलोमीटर लंबी पैदल यात्रा का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर नक्की झील की पूजा और मां अर्बुदा मंदिर में विशेष आराधना के बाद अभियान का औपचारिक आरंभ हुआ। यह पैदल मार्च माउंट आबू से शुरू होकर अरावली पर्वत श्रृंखलाओं के सैकड़ों गांवों से होकर गुजरेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय जनता और ग्रामीणों को अरावली के संरक्षण और संवर्धन के महत्व के प्रति जागरूक करना है।

इस कार्यक्रम की सफलता के लिए राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पूर्व सलाहकार एवं सिरोही के पूर्व विधायक संयम लोढ़ा भी माउंट आबू पहुंचे। उन्होंने प्रदेशभर से आए युवा प्रतिनिधियों और छात्र नेता निर्मल चौधरी का भव्य स्वागत किया। उनके साथ नगर सुधार न्यास माउंट आबू-आबू रोड के पूर्व अध्यक्ष हरीश चौधरी और जिले के कई कांग्रेस पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं से बातचीत में संयम लोढ़ा और निर्मल चौधरी ने कहा कि यह पैदल यात्रा केवल एक अभियान नहीं बल्कि अरावली के संरक्षण के लिए युवाओं की सक्रिय भागीदारी और जनसंचार का प्रतीक है। उन्होंने अरावली की जैव विविधता, वन्य जीवन और प्राकृतिक संसाधनों के महत्व को रेखांकित करते हुए सभी ग्रामीणों और नागरिकों से इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की।

यह पहल राज्य में पर्यावरण संरक्षण और युवाओं की सामाजिक जिम्मेदारी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अभियान की शुरुआत ने स्पष्ट कर दिया कि अरावली बचाओ आंदोलन अब केवल संरक्षण का मुद्दा नहीं, बल्कि एक जनजागरूकता आंदोलन बन चुका है, जिसका प्रभाव पूरे राजस्थान में दिखाई देगा।

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Pratahkal Bureau

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