सरूपगंज में सरियादे माताजी प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव संपन्न, प्रजापत समाज की दिखी एकजुटता
सिरोही के सरूपगंज में तीन दिवसीय महोत्सव के दौरान नवनिर्मित सरियादे भवन का उद्घाटन हुआ और विभिन्न धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

सिरोही जिले के सरूपगंज कस्बे में आयोजित तीन दिवसीय धार्मिक महोत्सव के अंतिम दिन नवनिर्मित मंदिर में स्थापित मां सरियादे और अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं।
सिरोही जिले के सरूपगंज कस्बे में आस्था, परंपरा और सामाजिक एकता का अद्वितीय संगम देखने को मिला, जहां श्री सरियादे माताजी की प्राण प्रतिष्ठा एवं सरियादे भवन उद्घाटन का तीन दिवसीय भव्य महोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। इस ऐतिहासिक आयोजन में ग्यारह गांवों के प्रजापत समाज सहित जिले भर से मारू प्रजापत समाज के हजारों श्रद्धालुओं की भागीदारी ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की।
महोत्सव के पहले दिन प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें समाज के प्रतिभावान विद्यार्थियों के साथ भोजनशाला के आजीवन सदस्य एवं सहयोगी भामाशाहों का सम्मान किया गया। रात्रि में आयोजित भजन संध्या में सरिता खारवाल और अनिल कलावंत ने भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं, जिससे श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
दूसरे दिन भव्य शोभायात्रा एवं वरघोड़ा निकाला गया, जो नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए सरियादे भवन पहुंचा। शोभायात्रा में श्रीपति धाम राजपुरा के संस्थापक एवं गादीपति गोविंदवल्लभ दास जी महाराज का सानिध्य प्राप्त हुआ। उन्होंने समाज को संबोधित करते हुए कुरीतियों और अंधविश्वासों को त्यागकर शिक्षा को अपनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम की रूपरेखा संस्था अध्यक्ष गोपाल कुमावत काछोली द्वारा प्रस्तुत की गई। रात्रि में भजन कलाकार प्रवीण प्रजापत (बाड़मेर) एवं श्री राजपुरोहित ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध किया।
तीसरे दिन शुभ मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ मां सरियादे की प्राण प्रतिष्ठा एवं सरियादे भवन का विधिवत उद्घाटन सम्पन्न हुआ। इसके पश्चात महाप्रसादी का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
पूरे आयोजन का संचालन आचार्य त्रिलोकचंद जोशी के मार्गदर्शन में किया गया। तीनों दिन शंकरभाई चौधरी, रमेश प्रजापत धनारी एवं दिनेश प्रजापत धनारी द्वारा भजनों की प्रस्तुतियां दी गईं। कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था के सचिव दिनेशकुमार भावरी सहित माधुराम उदवारीया, अमृत भावरी, अशोक धनारी, लादुराम उदवारीया, भोमाराम नितोड़ा, बाबूलाल नितोड़ा, भीमाराम काछोली, सुरेश भावरी, नारायण धनारी, मगनलाल काछोली, पीराराम मांडवाड़ा खालसा और रतीलाल धनारी सहित समस्त समाजबंधुओं का सराहनीय योगदान रहा।
यह महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण का सशक्त उदाहरण भी प्रस्तुत कर गया।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
