सिरोही। माधव विश्वविद्यालय की इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संकाय की शोधार्थी संगीता सिंह को डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) की उपाधि प्रदान की गई है। उन्होंने अपना शोध कार्य “इम्प्लीमेंटेशन ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग एंड डीप लर्निंग इन साइबर सिक्योरिटी एंड नेटवर्क सॉल्यूशन” विषय पर कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग में पूर्ण किया। यह शोध कार्य प्रोफेसर डॉ. गणपत जोशी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

साइबर सुरक्षा और एआई तकनीक पर केंद्रित शोध

शोध का मुख्य उद्देश्य साइबर सुरक्षा और नेटवर्क प्रबंधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और डीप लर्निंग तकनीकों के प्रभावी उपयोग का अध्ययन करना था। शोध के दौरान नेटवर्क सुरक्षा के लिए स्वचालित मॉनिटरिंग और रियल-टाइम थ्रेट डिटेक्शन प्रणाली विकसित करने पर विशेष कार्य किया गया। संगीता सिंह ने विश्वविद्यालय के चैयरमैन डॉ. राजकुमार को अपना प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि "डॉ. राजकुमार के प्रेरक व्याख्यान से प्रभावित होकर उन्होंने शोध के महत्व को समझा और पीएचडी करने का निर्णय लिया।"

अकादमिक उपलब्धियां और नवाचार

अपने शोध काल के दौरान संगीता सिंह ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग और साइबर सुरक्षा से जुड़े 20 से अधिक शोध-पत्र राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में प्रकाशित किए। विभिन्न संगोष्ठियों में प्रस्तुत उनके शोध-पत्रों को सराहा गया तथा उन्हें बेस्ट पेपर अवॉर्ड और बेस्ट पेपर प्रेजेंटेशन अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया। इसके अलावा उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित साइबर सुरक्षा डेटा एनालिटिक्स डिवाइस पर पेटेंट प्रकाशन भी किया है और एक पुस्तक का प्रकाशन कार्य भी प्रगति पर है।

मार्गदर्शन और मूल्यांकन प्रक्रिया

संगीता सिंह ने शोध कार्य के दौरान मार्गदर्शन के लिए रिसर्च अधिष्ठाता प्रो. डॉ. पवन कुमार और अपने शोध निर्देशक डॉ. गणपत जोशी का आभार व्यक्त किया। शोध का बाह्य मूल्यांकन सरकारी मीरा गर्ल्स कॉलेज, उदयपुर के कंप्यूटर विज्ञान के प्रोफेसर डॉ. धर्मेंद्र कुमार मीणा द्वारा किया गया, जिन्होंने अपने सुझावों से शोध की गुणवत्ता को और सुदृढ़ बनाया।

विश्वविद्यालय के लिए गौरव का क्षण

शोध की अंतिम प्रस्तुति के दौरान इंजीनियरिंग विभाग के अधिष्ठाता डॉ. राजेंद्र कुमार वैरागी ने संगीता सिंह की उपलब्धि को विभाग और विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय बताया। इस अवसर पर डॉ. मोहम्मद अकरम, डॉ. जितेंद्र तिवारी, डॉ. जी.एस. चौहान, डॉ. अंकुर मीणा, अमित अग्रवाल, डॉ. गगन गोयल, आशा सिसोदिया, कौशल बारोट, विक्रम सुथार, राहुल मीणा, अभिमन्यु गढ़वी, दशरथ परमार सहित विभाग के कई शिक्षक एवं शोधार्थी उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस उपलब्धि को संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता का प्रतीक बताते हुए इसे युवा शोधकर्ताओं के लिए प्रेरणादायक बताया।

Dineshkumar Bohra, Sirohi

Dineshkumar Bohra, Sirohi

नाम: दिनेश बोहरा

वर्तमान पद: रिपोर्टर

कार्यक्षेत्र: सिरोही जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): क्राइम, राजनीति, शिक्षा और प्रशासनिक खबरें

परिचय एवं अनुभव

दिनेश बोहरा सिरोही जिले से एक सक्रिय रिपोर्टर हैं। वह वर्तमान में 'फर्स्ट इंडिया न्यूज' में रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं और वहां सभी प्रकार की खबरों को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में उनका अनुभव निम्नलिखित है:

  • फर्स्ट इंडिया न्यूज: वर्ष 2013 से लगातार इस संस्थान से जुड़े हुए हैं और रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
  • प्रातःकाल: पिछले कुछ समय से वह 'प्रातःकाल' समाचार पत्र और मीडिया प्लेटफॉर्म के साथ भी जुड़कर कार्य कर रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

दिनेश बोहरा शैक्षणिक रूप से परास्नातक हैं। उनकी योग्यता निम्नलिखित है:

  • कला स्नातक (B.A.)
  • कला स्नातकोत्तर (M.A.)

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