मत्स्य विभाग को 71 करोड़ का लाभ, निदेशक संचिता बिश्नोई ने किया सिरोही का दौरा
निदेशक संचिता बिश्नोई ने माउंट आबू और सिरोही दौरे पर आधुनिक तकनीक और ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया से विभाग की आय में हुए ऐतिहासिक इजाफे की जानकारी दी।

सिरोही दौरे के दौरान स्थानीय बांध का निरीक्षण करतीं मत्स्य विभाग की निदेशक संचिता बिश्नोई, जहां उन्होंने ऑनलाइन ठेका पद्धति से विभाग को मिले 71 करोड़ रुपये के लाभ की जानकारी साझा की।
राजस्थान मत्स्य विभाग की भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी और निदेशक संचिता बिश्नोई दो दिवसीय दौरे पर माउंट आबू और सिरोही जिले के दौरे पर पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने जानकारी दी कि आधुनिक तकनीकी के द्वारा पहली बार सरकार को 71 करोड़ का लाभ हुआ है। संचिता बिश्नोई ने कहा कि 2025-26 के एक वर्ष के दौरान मत्स्य विभाग ने प्रदेश में आधुनिक तकनीकियों के माध्यम से विभिन्न योजनाओं को लागू किया है।
ठेका पद्धति में पारदर्शिता और ऑनलाइन प्रक्रिया का असर
संचिता बिश्नोई ने बताया कि "पूर्व में ठेकेदारी की प्रथा को समाप्त कर जो सभी ऑनलाइन ठेके बंद हो और तालाबों में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में दिए गए, उससे पहली बार विभाग ने 71 करोड़ की आयकर का एक अनूठा प्रदर्शन किया।" उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस प्रकार से ठेका पद्धति में सुधार हुआ और पारदर्शिता रखी गई, उसके कारण मत्स्य विभाग ने सरकार की आय में इजाफा कर लाभ दिया है। यह विभाग राजस्थान के मुख्यमंत्री के अंतर्गत आता है और उनके दिशा निर्देश पर जो नई पहल गत वर्ष में शुरू की गई इसका लाभ सरकार को मिला है।
आधुनिक तकनीक और ठेकेदारों को मिली सुविधा
निदेशक ने आधुनिक व्यवस्था पर जोर देते हुए कहा कि "अब प्रदेश के ठेकेदारों को प्रदेश निदेशालय में चक्कर नहीं लगाने पड़ते और जो ऑनलाइन टेंडर होते हैं इसका लाभ देने वाले ठेकेदार उन ठेकों को अपनी योग्यता के अनुसार ले पाते हैं।" उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि मछलियों के उत्पादन में भी नई तकनीकियों को जिस प्रकार से विभाग ने अमल में लाया उसका भी लाभ सरकार को मिला है। जब किसी कार्य में पारदर्शिता रहती है तो उसका लाभ निश्चित रूप से सरकार को मिलता है।
सिरोही और माउंट आबू के बांधों का निरीक्षण
अपने दौरे के दौरान उन्होंने सिरोही जिले के विभिन्न बांधों का निरीक्षण किया और वहां विभाग द्वारा दिए गए ठेके के आधार पर हो रहे कार्य के प्रति भी संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि "वे समय-समय पर पूरे प्रदेश में दौरा करती हैं और अगर कोई अनियमितता होती हैं तो उस पर जो पेनल्टी वसूली जाती है उसका भी लाभ सरकार को मिलता है।" हमारे संवाददाता ने निदेशक संचिता बिश्नोई से नक्की झील पर खास बातचीत की।

Pratahkal Bureau
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