रेवदर पशु मेला: प्रोटोकॉल उल्लंघन पर भड़के विधायक समाराम गरासिया
सिरोही के मंडार में आयोजित जिला स्तरीय पशु मेले के बैनर में फोटो न होने और स्वागत सत्कार में अनदेखी से नाराज होकर विधायक कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर चले गए।

रेवदर के मंडार में आयोजित जिला स्तरीय पशु मेले के उद्घाटन समारोह के दौरान मंच पर मौजूद राज्यमंत्री ओटाराम देवासी, जिला कलक्टर अल्पा चौधरी और अन्य अतिथि।
रेवदर के मंडार में आयोजित जिला स्तरीय पशु मेले के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान पिण्डवाड़ा-आबू विधायक समाराम गरासिया नाराज होकर कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर रवाना हो गए। पशुपालन विभाग की ओर से आयोजित इस जिला स्तरीय पशु मेले के उद्घाटन समारोह में विधायक समाराम गरासिया अतिथि के रूप में पहुंचे थे। कार्यक्रम में राज्यमंत्री ओटाराम देवासी, जिला कलक्टर अल्पा चौधरी, जिला प्रमुख अर्जुनराम पुरोहित, एसडीएम राजन लोहिया, ईओ संजय कुमार सहित कई अतिथि भी मौजूद थे। बैनर में फोटो नहीं होने और स्वागत प्रोटोकॉल को लेकर उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की।
बैनर से फोटो गायब और प्रोटोकॉल की अनदेखी पर जताई आपत्ति
कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए बैनर में उनका फोटो नहीं होने और स्वागत व्यवस्था को लेकर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। विधायक ने आपत्ति जताते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों के सम्मान और प्रोटोकॉल का पालन होना चाहिए, लेकिन यहां इसकी अनदेखी की गई है। उन्होंने कहा कि "पूर्व सरकार के समय भी वे विधायक थे, लेकिन उस समय इतनी उपेक्षा नहीं हुई जितनी अब अपनी ही सरकार में देखने को मिल रही है।" चार बार से जीत रहे विधायक का मंच संचालक ने नाम तक नहीं लिया।
अव्यवस्थाओं पर बरसे विधायक और मुख्यमंत्री से शिकायत की चेतावनी
विधायक ने आयोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा कि "पशु मेले में पशु और पशुपालक दोनों ही नहीं है, कैसा कार्यक्रम है ये सारे फर्जी है।" विधायक ने जाते समय आयोजकों की शिकायत मुख्यमंत्री और गोपालन मंत्री से करने की बात भी कही। गौरतलब है कि जिला स्तरीय पशु मेला विवादों में ही रहा है। पहले निमंत्रण पत्र में स्थानीय विधायक का नाम नहीं था, कांग्रेस की आपत्ति के बाद कार्ड बदला गया। अब भाजपा के विधायक कार्यक्रम से गुस्सा होकर निकल गए।
कांग्रेस का भ्रष्टाचार और लापरवाही का आरोप
इधर, कांग्रेस ने भी जमकर हमला बोला। जिला उपाध्यक्ष हिमपाल सिंह देवल ने कहा कि पशु मेले की हालत बेहद शर्मनाक देखने को मिली। मेले में आए पशुओं के लिए पानी पीने की कोई व्यवस्था नहीं थी और न ही चारे की कोई उचित व्यवस्था की गई थी। देवल ने कहा कि "एक गौ माता को खंभे से बांधकर रखा गया, लेकिन उसके लिए भी पानी तक उपलब्ध नहीं था। यदि पशुओं के लिए बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं करवाई जा रही हैं तो यह साफ तौर पर भ्रष्टाचार और लापरवाही को दर्शाता है।"

Sunil Acharya, Mount Abu
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