माउंट आबू के आसमान में बिखरे सतरंगी रंग: राजस्थान के सबसे ऊंचे शिखर पर मुख्यमंत्री की पहल से शुरू हुआ भव्य पतंग महोत्सव
राजस्थान के सबसे ऊंचे शहर माउंट आबू में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा अनुरूप भव्य पतंग महोत्सव का आयोजन किया गया। जिला कलेक्टर अल्पा चौधरी और उपखंड अधिकारी डॉ. अंशु प्रिया की उपस्थिति में आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से गुलजार हो उठा। पर्यटन विभाग और प्रशासन के इस संयुक्त प्रयास ने सैलानियों को तिल-पापड़ी के स्वाद और पतंगबाजी के रोमांच से सराबोर कर दिया।

माउंट आबू (सिरोही)। राजस्थान के एकमात्र हिल स्टेशन और प्रदेश के सबसे ऊंचे शहर माउंट आबू की वादियों में आज एक नया इतिहास रचा गया। जब पड़ोसी राज्य गुजरात का आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से सराबोर था और गुलाबी नगरी जयपुर में पेंच लड़ाए जा रहे थे, ठीक उसी समय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की विशेष मंशा के अनुरूप माउंट आबू के नीले गगन में भी सतरंगी पतंगें अठखेलियां करती नजर आईं। राजस्थान पर्यटन विभाग, जिला प्रशासन और नगर पालिका के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस भव्य 'पतंग महोत्सव' ने न केवल स्थानीय लोगों बल्कि यहां आए हजारों पर्यटकों को भी मंत्रमुग्ध कर दिया। मुख्यमंत्री के उन दिशा-निर्देशों के बाद, जिसमें संभाग स्तर के साथ-साथ प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी सांस्कृतिक उत्सवों को बढ़ावा देने की बात कही गई थी, जिला प्रशासन ने अल्प समय में इस विशाल आयोजन को धरातल पर उतारकर माउंट आबू के पर्यटन में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।
महोत्सव का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला कलेक्टर अल्पा चौधरी, उपखंड अधिकारी डॉ. अंशु प्रिया और पालिका आयुक्त आशुतोष आचार्य द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस गौरवमयी अवसर पर भाजपा मंडल अध्यक्ष अक्षय चौहान, थाना अधिकारी दलपत सिंह राठौड़, सुनील आचार्य और भाजपा के साबिर कुरेशी सहित नगर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अतिथियों ने परंपरा का निर्वहन करते हुए माउंट आबू पहुंचे पर्यटकों का मुंह तिल-पापड़ी, गजक और राजस्थानी स्वादिष्ट व्यंजनों से मीठा कराया, जिससे सैलानी अभिभूत नजर आए। पर्यटन और संस्कृति के इस संगम ने ठंडी वादियों में उत्साह की गर्माहट भर दी।
कार्यक्रम का सबसे रोमांचक पहलू वह रहा जब प्रशासनिक अधिकारियों ने स्वयं पतंग की डोर थामी। जिले की मुखिया अल्पा चौधरी, उपखंड अधिकारी डॉ. अंशु प्रिया और पालिका आयुक्त आशुतोष आचार्य ने जमकर पतंगबाजी का आनंद लिया और आसमान में पेंच लड़ाए। इस दौरान अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने नन्हे बच्चों के बीच पहुंचकर उन्हें पतंगें और मिठाइयां वितरित कीं, जिससे बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। यह आयोजन केवल एक खेल मात्र नहीं, बल्कि राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को पर्यटन के साथ जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। माउंट आबू के इस ऐतिहासिक पतंग महोत्सव ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि इच्छाशक्ति हो, तो परंपराओं के रंग प्रदेश के हर कोने को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर नई चमक दे सकते हैं।

Sunil Acharya, Mount Abu
सुनिल आचार्य माउंट आबू से जुड़े प्रमुख रिपोर्टर हैं, जो स्थानीय और राष्ट्रीय समाचारों की विश्वसनीय और सटीक कवरेज के लिए जाने जाते हैं। उनकी पत्रकारिता में तथ्यपरक रिपोर्टिंग और घटनाओं की गहन समीक्षा का विशेष योगदान है। सुनिल आचार्य हर खबर को निष्पक्ष दृष्टिकोण से प्रस्तुत करते हैं और पाठकों तक सही जानकारी पहुँचाने का पूरा प्रयास करते हैं। उनका लेखन शैली सरल, स्पष्ट और प्रभावशाली है, जो पाठकों को समाचार के हर पहलू से अवगत कराता है।
