सिरोही। राजस्थान सरकार के 'शुद्ध आहार-मिलावट पर वार' अभियान के तहत सिरोही जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई को अंजाम दिया है। आमजन के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों के खिलाफ जिला कलेक्टर अल्पा चौधरी और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. दिनेश खराड़ी के सख्त रुख के बाद विभाग ने गुजरात से आ रही मिलावट की एक बड़ी खेप को पकड़ने में सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई उस समय हुई जब गुजरात से करीब 600 किलो पनीर की एक बड़ी खेप अवैध रूप से सिरोही में खपाने के लिए लाई जा रही थी।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी मुकेश प्रजापत और धर्मवीर की टीम ने सूचना के आधार पर नाकेबंदी कर इस खेप को पकड़ा। जांच के दौरान पाया गया कि पनीर की यह सप्लाई बिना किसी वैध फूड लाइसेंस, बिल या आवश्यक दस्तावेजों के की जा रही थी। अधिकारियों ने जब पनीर का भौतिक निरीक्षण किया, तो स्थिति चौंकाने वाली थी; पनीर न केवल स्वाद में अत्यधिक खट्टा था, बल्कि उससे दुर्गंध भी आ रही थी, जिससे प्रथम दृष्टया ही इसके मिलावटी और अमानक होने का संदेह गहरा गया। मौके पर मौजूद मोबाइल फूड लैब के जरिए जब पनीर की प्रारंभिक जांच की गई, तो वह मानकों पर खरा नहीं उतरा और उसे अमानक घोषित कर दिया गया।

जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए विभाग ने तत्परता दिखाते हुए करीब 600 किलो पनीर को मौके पर ही नष्ट करवा दिया। हालांकि, विस्तृत जांच के लिए पनीर के नमूने एकत्र कर उन्हें जोधपुर स्थित प्रयोगशाला में भेजा गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, यह पनीर सिरोही हाईवे पर स्थित विभिन्न होटलों और ढाबों में सप्लाई किया जाना था। इस खुलासे के बाद विभाग ने अब उन होटलों को भी रडार पर ले लिया है जहां इस तरह के असुरक्षित खाद्य पदार्थों की खपत होती है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि हाईवे की होटलों पर भी जल्द ही इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस बड़ी कार्रवाई के बाद जिले के खाद्य कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने कड़े निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि सभी कारोबारी स्वच्छता और गुणवत्ता के मानकों का कड़ाई से पालन करें। बिना लाइसेंस के खाद्य सामग्री बेचने या मिलावट करने वालों के विरुद्ध प्रशासन जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएगा और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यह कार्रवाई न केवल मिलावटखोरों के लिए एक चेतावनी है, बल्कि दीपावली और आगामी त्योहारों के सीजन से पहले उपभोक्ताओं की सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम भी है।

Sunil Acharya, Mount Abu

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सुनिल आचार्य माउंट आबू से जुड़े प्रमुख रिपोर्टर हैं, जो स्थानीय और राष्ट्रीय समाचारों की विश्वसनीय और सटीक कवरेज के लिए जाने जाते हैं। उनकी पत्रकारिता में तथ्यपरक रिपोर्टिंग और घटनाओं की गहन समीक्षा का विशेष योगदान है। सुनिल आचार्य हर खबर को निष्पक्ष दृष्टिकोण से प्रस्तुत करते हैं और पाठकों तक सही जानकारी पहुँचाने का पूरा प्रयास करते हैं। उनका लेखन शैली सरल, स्पष्ट और प्रभावशाली है, जो पाठकों को समाचार के हर पहलू से अवगत कराता है।

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