माधव विश्वविद्यालय के कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर में सातवें सेमेस्टर के छात्रों का प्रेजेंटेशन कार्यक्रम आयोजित, आधुनिक कृषि तकनीकों पर गहन प्रस्तुति
सिरोही में माधव विश्वविद्यालय के कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर में बीएससी ऑनर्स एग्रीकल्चर के सातवें सेमेस्टर के छात्रों का प्रेजेंटेशन कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें विद्यार्थियों ने आधुनिक कृषि तकनीक, विलेज अटैचमेंट, एग्रो इंडस्ट्रियल प्रशिक्षण और प्लांट क्लिनिक कार्यक्रमों पर विस्तृत प्रस्तुति दी।

सिरोही। माधव विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर में बीएससी ऑनर्स एग्रीकल्चर के सातवें सेमेस्टर के विद्यार्थियों का भव्य प्रेजेंटेशन कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें छात्रों ने अपने पाठ्यक्रम के दौरान किए गए विभिन्न प्रशिक्षण और व्यावहारिक अनुभवों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया। इस कार्यक्रम में ओरिएंटेशन प्रोग्राम, कृषि विज्ञान केंद्र प्रोग्राम, विलेज अटैचमेंट, एग्रो इंडस्ट्रियल प्रशिक्षण और प्लांट क्लिनिक जैसे प्रमुख गतिविधियों पर छात्रों ने अपने निष्कर्ष और अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता होम्योपैथी विभाग के अधिष्ठाता प्रो. (डॉ.) विजय प्रताप सिंह ने की, जबकि कार्यक्रम का समन्वय डॉ. सीताराम सीरवी ने किया। कॉलेज के डीन प्रो. (डॉ.) गीतम सिंह सहित सभी संकाय सदस्यों ने विद्यार्थियों को मार्गदर्शन और आवश्यक सुझाव प्रदान किए।
इस अवसर पर माधव विश्वविद्यालय के चांसलर हिम्मत सिंह देवल ने कहा कि विश्वविद्यालय उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है, जिससे विद्यार्थियों को तकनीकी और व्यावहारिक कौशल प्राप्त हो रहे हैं। प्रेसिडेंट डॉ. राजीव माथुर ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है, और इसके लिए संकाय निरंतर प्रयासरत हैं।
प्रो-प्रेसिडेंट डॉ. सुशील भार्गव ने अपने संबोधन में इस प्रकार के प्रेजेंटेशन कार्यक्रमों की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि ये कार्यक्रम छात्रों के आत्मविश्वास, प्रस्तुतीकरण कौशल और व्यावहारिक ज्ञान को मजबूत बनाते हैं। रजिस्ट्रार डॉ. भावेश कुमावत ने कहा कि विभिन्न संस्थाओं में प्राप्त तकनीकी अनुभव छात्रों के भविष्य को सशक्त बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।
डायरेक्टर ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट डॉ. अतुल कुमार मिश्रा ने बताया कि सातवें सेमेस्टर के यह प्रेजेंटेशन विद्यार्थियों के कौशल विकास और रोजगारोन्मुखी शिक्षा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कॉलेज के अधिष्ठाता प्रो. (डॉ.) गीतम सिंह ने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी छात्रों के करियर और उद्यमिता दोनों के लिए अनिवार्य है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि आईसीएआर और आईसीएमआर जैसी राष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा विकसित नवीन तकनीकियां विद्यार्थियों के भविष्य को और अधिक सुदृढ़ करेंगी।
कार्यक्रम में कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रीति महावर, डॉ. आलोक कुमार, डॉ. विशाल चौधरी, डॉ. शेखर देसाई, कैलाश परिहार और मिस अभिलाष राय सहित अन्य संकाय सदस्य भी उपस्थित रहे। यह आयोजन न केवल विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन का मंच बना, बल्कि उन्हें कृषि क्षेत्र में व्यावहारिक अनुभव और पेशेवर कौशल विकसित करने का अवसर भी प्रदान किया।
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Pratahkal Bureau
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