सिरोही। माधव विश्वविद्यालय के माधव प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान महाविद्यालय में सोमवार को राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा दिवस के उपलक्ष्य में तीन दिवसीय प्राकृतिक चिकित्सा जागरूकता सप्ताह का शुभारम्भ हुआ। आयुष मंत्रालय के राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान, सूर्य फाउंडेशन और अंतरराष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा संगठन के सहयोग से आयोजित यह कार्यक्रम इस वर्ष “प्रकृति से उपचार, प्रकृति के लिए उपचार’’ विषय पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य प्राकृतिक उपचार पद्धतियों, योग, सात्त्विक आहार और समग्र स्वास्थ्य के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना है।

उद्घाटन सत्र में विश्वविद्यालय के प्रेसिडेंट डॉ. राजीव माथुर ने आधुनिक जीवनशैली से जुड़े रोगों के समाधान में प्राकृतिक चिकित्सा को अत्यंत प्रभावी बताते हुए कहा कि प्रकृति के समीप जीवन ही वास्तविक स्वास्थ्य का मार्ग है और इस अभियान का उद्देश्य इसी मूल भाव को समाज में पुनर्स्थापित करना है। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. भावेश कुमावत ने प्राकृतिक चिकित्सा को निवारक स्वास्थ्य की आधारशिला बताते हुए अधिक से अधिक लोगों को इससे जुड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।

देशभर से आए विशेषज्ञों ने उद्घाटन दिवस पर अपने अनुभव साझा किए। एमिटी विश्वविद्यालय के डॉ. अजय भारद्वाज ने योग और प्राकृतिक दिनचर्या को तनावमुक्त और संतुलित जीवन का अनिवार्य तत्व बताया। ब्रह्माकुमारी संस्थान के डॉ. नरेश अग्रवाल ने प्रकृति के नियमों के अनुरूप जीवन जीने तथा शरीर की स्व-उपचार क्षमता को सक्रिय करने के विविध सूत्र प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के दौरान अकादमिक अधिष्ठाता डॉ. महेन्द्र सिंह परमार ने इसे विद्यार्थियों के लिए व्यवहारिक उपचार विधियों को समझने का उत्कृष्ट अवसर बताया, जबकि होम्योपैथिक विभाग के अधिष्ठाता डॉ. विजय प्रताप सिंह ने प्राकृतिक चिकित्सा और होम्योपैथी के संयुक्त लाभों को स्वास्थ्य संवर्धन का सशक्त माध्यम बताया।

फिजियोथेरेपी विभाग के डॉ. वैभव दवे ने हृदय गति रुकने पर जीवन रक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्राथमिक उपचार ‘सीपीआर’ का व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर प्रतिभागियों को आपात स्थिति में त्वरित कदम उठाने के लिए जागरूक किया। इस अवसर पर होम्योपैथिक विभाग की निदेशक डॉ. भारती देसाई, प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान के प्रिंसिपल डॉ. अनिल कश्यप, डॉ. ललित कुमार त्रिवेदी, डॉ. सुमित कुमार, डॉ. अभिजीत सिंह, डॉ. अशोक कुमार और डॉ. कमलेश चौधरी सहित अनेक विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

जागरूकता सप्ताह के तहत योग, जल-चिकित्सा, मिट्टी-चिकित्सा, दबाव-चिकित्सा और आहार-चिकित्सा के व्यावहारिक सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें विद्यार्थियों और प्रतिभागियों ने विशेष उत्साह दिखाया। कार्यक्रम में आईटी विभाग से बादल कुमार, अभिषेक मीणा, यश त्रिवेदी तथा मीडिया विभाग से अशोक कुमार प्रजापत सहित विभिन्न संकायों के सदस्य और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

प्राकृतिक चिकित्सा पर केंद्रित यह सप्ताह न केवल स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ा रहा है, बल्कि युवाओं को प्रकृति आधारित उपचार की वैज्ञानिक और व्यवहारिक समझ भी प्रदान कर रहा है, जो आने वाले समय में समाज के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव छोड़ने की उम्मीद जगाता है।

Dineshkumar Bohra, Sirohi

Dineshkumar Bohra, Sirohi

नाम: दिनेश बोहरा

वर्तमान पद: रिपोर्टर

कार्यक्षेत्र: सिरोही जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): क्राइम, राजनीति, शिक्षा और प्रशासनिक खबरें

परिचय एवं अनुभव

दिनेश बोहरा सिरोही जिले से एक सक्रिय रिपोर्टर हैं। वह वर्तमान में 'फर्स्ट इंडिया न्यूज' में रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं और वहां सभी प्रकार की खबरों को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में उनका अनुभव निम्नलिखित है:

  • फर्स्ट इंडिया न्यूज: वर्ष 2013 से लगातार इस संस्थान से जुड़े हुए हैं और रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
  • प्रातःकाल: पिछले कुछ समय से वह 'प्रातःकाल' समाचार पत्र और मीडिया प्लेटफॉर्म के साथ भी जुड़कर कार्य कर रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

दिनेश बोहरा शैक्षणिक रूप से परास्नातक हैं। उनकी योग्यता निम्नलिखित है:

  • कला स्नातक (B.A.)
  • कला स्नातकोत्तर (M.A.)

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