नारी समाज की शिल्पी, आध्यात्मिक सशक्तिकरण से बनेगा नशामुक्त परिवार: बीके उषा
आबू रोड के मनमोहिनीवन में रेडियो मधुबन द्वारा आयोजित महिला स्नेह मिलन में ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान की वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बीके उषा ने महिलाओं को संबोधित किया।

ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के मनमोहिनीवन स्थित ग्लोबल ऑडिटोरियम में रेडियो मधुबन (107.8 एफएम) द्वारा महिलाओं के लिए एक अत्यंत प्रेरणादायक कार्यक्रम एवं स्नेह मिलन का भव्य आयोजन किया गया। "स्वतंत्र स्वर: हर नारी का अधिकार, नशा मुक्त परिवार" विषय पर केंद्रित इस सेमीनार के माध्यम से समाज में महिलाओं की सशक्त भागीदारी सुनिश्चित करने और एक व्यसनमुक्त राष्ट्र की सुदृढ़ नींव रखने का पुरजोर आह्वान किया गया। इस गरिमामयी समागम में विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों, प्रशासनिक अधिकारियों और समर्पित सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका राजयोगिनी ऊषा दीदी ने आध्यात्मिक सशक्तिकरण की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए उद्घोष किया कि नारी केवल शक्ति का स्वरूप मात्र नहीं है, अपितु वह संपूर्ण समाज की वास्तविक शिल्पी है। उन्होंने रेखांकित किया कि जब एक नारी मानसिक और आध्यात्मिक स्तर पर स्वतंत्रता प्राप्त कर लेती है, तब वह अपने पूरे परिवार को कुरीतियों व व्यसनों से मुक्त कर एक स्वस्थ एवं सुसंस्कृत समाज के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करती है। इसी क्रम में मेडिकल विंग के सचिव डॉ. बनारसीलाल शाह ने स्वास्थ्यगत दृष्टिकोण साझा करते हुए 'नशा मुक्त परिवार' की अनिवार्यता को प्रतिपादित किया, ताकि आगामी पीढ़ी शारीरिक और मानसिक रूप से सुदृढ़ बन सके।
प्रशासनिक एवं सुरक्षात्मक पहलुओं पर चर्चा करते हुए सीडीपीओ सुश्री योशिता कल्ला ने सरकारी योजनाओं एवं महिलाओं के कानूनी अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि "स्वतंत्र स्वर" का वास्तविक अर्थ महिला को अपने जीवन के निर्णय स्वयं लेने का पूर्ण अधिकार होना है। वनरक्षक अंजू चौहान ने पर्यावरण संरक्षण और अनुशासन के क्षेत्र में महिलाओं की अनुकरणीय भूमिका की सराहना की, जबकि कालिका पेट्रोलिंग टीम निर्भया स्क्वॉड की सुलोचना बहन ने महिला सुरक्षा और वर्तमान समय में डिजिटल सतर्कता हेतु अनिवार्य व्यावहारिक टिप्स साझा किए।
रेडियो मधुबन की प्रोडक्शन हेड बीके कृष्णा बहन ने संस्थान की ओर से सभी अतिथियों का आत्मीय स्वागत करते हुए बताया कि रेडियो मधुबन किस प्रकार सामुदायिक स्तर पर महिलाओं की आवाज़ को एक सशक्त मंच प्रदान कर रहा है। कार्यक्रम का कुशल संचालन आरजे बीके आरुषि बहन द्वारा किया गया। इस अवसर पर सेवानिवृत्त सीबीईओ भोपाल राम पुरोहित और एसएलआरएम प्रेम कुमार ने ग्रामीण विकास एवं शिक्षा के क्षेत्र में महिलाओं द्वारा की जा रही निरंतर प्रगति पर सारगर्भित चर्चा की।
जागरूकता के प्रसार हेतु कार्यक्रम में डिजिटल माध्यम का प्रभावी उपयोग करते हुए विशेष वीडियो प्रदर्शित किए गए। 'नशा मुक्ति जागरूकता' पर आधारित फिल्म ने नशे के घातक दुष्प्रभावों और उससे मुक्ति के उपायों को दर्शाया, वहीं महिलाओं के विरुद्ध हिंसा को रोकने के लिए समर्पित 'हिंसा को नो' प्रोजेक्ट के वीडियो ने उपस्थित जनसमूह को भीतर तक झकझोरते हुए जागरूक किया। महिलाओं के मानसिक और शारीरिक सामंजस्य हेतु एकाग्रता वर्धक खेल, श्वास आधारित गतिविधियां जैसे अनुलोम-विलोम और 'बैलेंस गेम' आयोजित किए गए, जिनमें महिलाओं ने अभूतपूर्व उत्साह दिखाया। मंच पर बालिकाओं और महिलाओं ने नारी सशक्तिकरण पर आधारित सुरीले गीतों और मनमोहक नृत्यों के माध्यम से अपनी कला का प्रदर्शन किया।
संवाद सत्र के दौरान ग्रामीण महिलाओं ने अतिथियों से सीधा संवाद कर आत्मनिर्भरता की राह में आने वाली चुनौतियों को साझा किया। कार्यक्रम के चरमोत्कर्ष पर समाज सेवा, सुरक्षा और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस भव्य आयोजन का समापन उपस्थित जनसमूह द्वारा नशा मुक्ति और महिला सम्मान की रक्षा हेतु ली गई सामूहिक शपथ के साथ हुआ, जो समाज में एक सकारात्मक परिवर्तन का संकल्प बनकर उभरा।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
