माउंट आबू पर्यटन विकास: मानपुर में एयरपोर्ट और रोपवे समेत 16 प्रस्ताव
माउंट आबू नगर पालिका अध्यक्ष ने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को सौंपे 16 विकास प्रस्ताव, नक्की झील पर लेजर शो और पर्यटन सर्किट का है प्लान।

आबू रोड के शांतिवन में 24 अक्टूबर को केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात करते सुनील आचार्य।
राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थल माउंट आबू को नई पहचान दिलाने और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के लिए नगर पालिका ने केंद्र सरकार के सामने 16 प्रस्ताव रखे हैं। माउंट आबू नगर पालिका अध्यक्ष सुनील आचार्य ने केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात कर मानपुर में एयरपोर्ट बनाने, धार्मिक स्थलों पर रोपवे विकसित करने, नक्की झील पर लेजर शो शुरू करने और एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने सहित विभिन्न योजनाओं का ज्ञापन सौंपा।
24 अक्टूबर को यह मुलाकात आबू रोड से करीब 20 किलोमीटर दूर शांतिवन में हुई। इस दौरान सुनील आचार्य ने केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का माला और साफा पहनाकर स्वागत किया। केंद्रीय मंत्री ने भी नवनिर्वाचित नगर पालिका अध्यक्ष का अभिनंदन किया। इसके बाद माउंट आबू में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार, धार्मिक स्थलों के विकास और स्थानीय नागरिकों की बुनियादी जरूरतों से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा हुई।
ज्ञापन में आबू रोड के मानपुर में एयरपोर्ट विकसित करने और हवाई सेवा शुरू करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। इसके साथ ही माउंट आबू को देश के पर्यटन नक्शे पर प्रमुखता से स्थापित करने तथा गुलाबगंज-सिरोही रोड को एलिवेटेड बनाने का प्रस्ताव रखा गया। इन योजनाओं के क्रियान्वयन से क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही सुविधाजनक बनाने और पर्यटन गतिविधियों के विस्तार की उम्मीद जताई गई।
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गणेश पॉइंट से भैरूतारक, अर्बुदा देवी, गौमुख और वशिष्ठ आश्रम सहित प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के विकास और वहां रोपवे सुविधा स्थापित करने की मांग की गई। माउंट आबू और आसपास के धार्मिक स्थलों को जोड़कर पर्यटन सर्किट विकसित करने का प्रस्ताव भी दिया गया। इसके अलावा सभी प्रमुख स्थलों के समग्र विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार करने की मांग रखी गई, ताकि पर्यटक एक ही यात्रा में कई दर्शनीय स्थलों तक पहुंच सकें।
पर्यटन के नए विकल्प विकसित करने के लिए माउंट आबू में गोल्फ ग्राउंड तैयार करने और एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने का प्रस्ताव भी ज्ञापन में शामिल है। पर्यटकों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक पर्यटन स्वागत केंद्र स्थापित करने और मौजूदा बस स्टैंड का आधुनिकीकरण करने की मांग की गई। इसके साथ ही क्षेत्र के नियोजित विकास को गति देने के उद्देश्य से आबू डेवलपमेंट अथॉरिटी के गठन का प्रस्ताव रखा गया।
माउंट आबू के पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करने के लिए धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों की डिजिटल डॉक्यूमेंट्री तैयार करने की योजना भी सुझाई गई। नक्की झील पर लेजर शो के माध्यम से इन स्थलों की विशेषताओं को प्रदर्शित करने का प्रस्ताव दिया गया। विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी संबंधी सुविधाएं विकसित करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
पर्यटन विकास के साथ स्थानीय नागरिकों की बुनियादी जरूरतों पर भी ध्यान दिया गया है। नगर पालिका अध्यक्ष ने स्वीकृत सालगांव पेयजल परियोजना को शीघ्र क्रियान्वित करने और गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा। इन योजनाओं को माउंट आबू के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।
केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार की ओर से माउंट आबू के विकास से संबंधित प्रस्ताव भेजे जाने पर नियमानुसार निर्णय लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने माउंट आबू के विकास में सहयोग का भरोसा भी दिलाया। अब इन 16 प्रस्तावों को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार की पहल और संबंधित स्तर पर होने वाले निर्णय महत्वपूर्ण होंगे। एयरपोर्ट, रोपवे, पर्यटन सर्किट, लेजर शो और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी इन योजनाओं के क्रियान्वयन से माउंट आबू के पर्यटन विकास की दिशा तय होगी।

Sunil Acharya, Mount Abu
सुनिल आचार्य माउंट आबू से जुड़े प्रमुख रिपोर्टर हैं, जो स्थानीय और राष्ट्रीय समाचारों की विश्वसनीय और सटीक कवरेज के लिए जाने जाते हैं। उनकी पत्रकारिता में तथ्यपरक रिपोर्टिंग और घटनाओं की गहन समीक्षा का विशेष योगदान है। सुनिल आचार्य हर खबर को निष्पक्ष दृष्टिकोण से प्रस्तुत करते हैं और पाठकों तक सही जानकारी पहुँचाने का पूरा प्रयास करते हैं। उनका लेखन शैली सरल, स्पष्ट और प्रभावशाली है, जो पाठकों को समाचार के हर पहलू से अवगत कराता है।
