देश के जाने-माने कथावाचक मयंक मिश्रा वैदिक ने कहा है कि धर्म एक व्यापक तत्व है जो सभी लोकों को धारण करता है और धर्म को समझे बिना इसे अपनाना संभव नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि धर्म के बिना जीवन का विकास और परमश्रेय की प्राप्ति भी संभव नहीं है तथा ईश्वर पर विचार किए बिना धर्म की हमारी समझ अधूरी रह जाती है।

माउंट आबू स्थित विश्व प्रसिद्ध नीलकंठ महादेव मंदिर में आयोजित शिव महापुराण के दौरान शिव पार्वती विभाग के अवसर पर श्रद्धालुओं और भक्तों को संबोधित करते हुए उन्होंने यह विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि माउंट आबू जैसे अर्ध काशी में शिव महापुराण का आयोजन हो रहा है, जहां सुनने और भाग लेने मात्र से भगवान शिव अपने भक्तों को सब कुछ प्रदान करते हैं।

हजारों की संख्या में उपस्थित महिला, पुरुष और बच्चों को संबोधित करते हुए मिश्रा ने कहा कि शिव और परमेश्वर का कल पूर्ण करुणामय विधान है और ऐसी कथाओं के समय परमेश्वर का प्रेममय प्रकटान होता है। उन्होंने धर्म और विज्ञान के संबंध पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विश्व का संविधान धर्म है, जबकि विज्ञान तथ्यों का क्रमबद्ध ज्ञान है, तकनीकी विस्तार के विविध आयाम हैं और भौतिक सुविधाओं का व्यापक विस्तार है। उन्होंने कहा कि धर्म का आधार, धर्म का आलोक और धर्म का पाथेय ही वह प्रेरणा है जिससे विज्ञान प्रकटीत, पल्लवित, पुष्पित और प्रकाशित हो रहा है, अर्थात धर्म ही विज्ञान का आधार है।

उन्होंने यह भी कहा कि शिव महापुराण और श्रीमद् भागवत गीता जैसे आयोजन जहां-जहां समय-समय पर होते हैं, वहां उस स्थान और शहर को धर्म के प्रति जागरूकता और प्रगति प्राप्त होती है। शिव की महिमा का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि हे शिव, आपके चरणों के प्रभाव से त्रिभुवन को वशीभूत कर परम उच्च इंद्र पद को भी बाणासुर ने छोड़ दिया, तो इसमें कोई आश्चर्य नहीं है, क्योंकि जो आपके सामने सिर झुकाता है वह हर प्रकार से वृद्धि का अधिकारी होता है। उन्होंने कहा कि सूर्य, चंद्रमा, पवन, अग्नि, जल, आकाश, पृथ्वी और आत्मा आदि सभी पदार्थों के स्वरूप स्वयं भगवान शिव ही हैं और ऐसा कोई पदार्थ नहीं जिसमें उनका व्यापक अस्तित्व न हो।

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पार्वती के पूर्व शिव और सती के प्रसंगों का भी विस्तार से वर्णन किया तथा शिव महापुराण कथा के फल पर भी प्रकाश डाला। सात दिवसीय शिव महापुराण के इस आयोजन में मंगलवार को शिव-पार्वती विवाह का मंचन विभिन्न कलाकारों द्वारा भव्य प्रस्तुति के साथ किया गया। विवाह प्रसंग के दौरान बधाई गीत गूंजे और मां पार्वती का कन्यादान करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।

बुधवार को गणेश और कार्तिकेय की लीलाओं का मंचन कथा के रूप में आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिसमें कथावाचक मयंक मिश्रा के साथ जाने-माने संगीत कलाकारों ने बधाई गीत प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मंगलवार रात्रि को आयोजित बधाई संध्या में भी बधाई गीतों की प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं के लिए यादगार क्षण निर्मित किए।

यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना हुआ है, बल्कि धर्म, ज्ञान और सांस्कृतिक चेतना के प्रसार का सशक्त माध्यम भी सिद्ध हो रहा है।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story