सिरोही जिले के माउंट आबू में पिपली पूनम के पावन अवसर पर आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जहां नक्की झील पर गरासिया जनजाति सहित आदिवासी समाज के हजारों श्रद्धालु एकत्रित हुए। यह आयोजन आदिवासियों का “महाकुंभ” माना जाता है, जिसमें राजस्थान और गुजरात के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे।

श्रद्धालुओं ने नक्की झील में अपने पितरों की अस्थियों का विसर्जन कर विधि-विधान से पितृ तर्पण किया। मान्यता है कि गरासिया समाज के लिए यह झील हरिद्वार के समान पवित्र है। होली के बाद से संजोकर रखी गई अस्थियों और चांदी के प्रतीकों का विसर्जन कर लोगों ने अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

झील किनारे पूरे दिन धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-अर्चना और पारंपरिक कार्यक्रम चलते रहे। ढोल-थाली की गूंज पर आदिवासी युवक-युवतियां नृत्य करते नजर आए, जिससे माहौल पूरी तरह भक्तिमय और उत्सवमय बन गया। श्रद्धालुओं ने प्रसादी अर्पित कर परिवार की खुशहाली और समृद्धि की कामना की।

वहीं, भारी भीड़ के चलते माउंट आबू–आबू रोड मार्ग पर वाहनों का दबाव बढ़ गया, जिससे कई स्थानों पर जाम जैसे हालात बने रहे। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर डीएसपी गोमाराम चौधरी के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। प्रमुख स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए, जिससे श्रद्धालु सुरक्षित रूप से कार्यक्रम में शामिल हो सके।

पिपली पूनम पर नक्की झील में उमड़ा यह जनसैलाब न केवल आस्था और परंपरा का प्रतीक बना, बल्कि आदिवासी संस्कृति की गहराई और सामाजिक एकजुटता का भी सशक्त प्रदर्शन रहा।

Sunil Acharya, Mount Abu

Sunil Acharya, Mount Abu

सुनिल आचार्य माउंट आबू से जुड़े प्रमुख रिपोर्टर हैं, जो स्थानीय और राष्ट्रीय समाचारों की विश्वसनीय और सटीक कवरेज के लिए जाने जाते हैं। उनकी पत्रकारिता में तथ्यपरक रिपोर्टिंग और घटनाओं की गहन समीक्षा का विशेष योगदान है। सुनिल आचार्य हर खबर को निष्पक्ष दृष्टिकोण से प्रस्तुत करते हैं और पाठकों तक सही जानकारी पहुँचाने का पूरा प्रयास करते हैं। उनका लेखन शैली सरल, स्पष्ट और प्रभावशाली है, जो पाठकों को समाचार के हर पहलू से अवगत कराता है।

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