माउंट आबू में 8 मार्च को आंतरिक सुरक्षा अकादमी सीआरपीएफ में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस गौरवमयी कार्यक्रम में महिलाओं का सम्मान किया गया, जहाँ आंतरिक सुरक्षा अकादमी के पुलिस महानिरीक्षक दर्शन लाल गोला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता आंतरिक सुरक्षा अकादमी की सी.सी.डब्ल्यू.ए. अध्यक्षा भामिनी देवी द्वारा की गई। कार्यक्रम का विधिवत आरंभ वंदे मातरम राष्ट्रीय गीत के साथ किया गया।

महिला सशक्तिकरण की जमीनी हकीकत पर भामिनी देवी के विचार

आंतरिक सुरक्षा अकादमी सीआरपीएफ की सी.डब्ल्यू.ए. की अध्यक्ष भामिनी देवी ने अपने संबोधन में कहा कि — "अभी भी महिला सशक्तिकरण के लिए बहुत कुछ किया जाना बाकी है। हम 8 मार्च को एकत्रित होकर बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन आज भी कई महिलाएं ऐसी हैं जिनके साथ में अत्याचार और अन्याय अभी भी इस देश में हो रहा है।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हमें उन कमियों को धरातल पर पूरा करना होगा और बचपन से ही अपने बच्चों को अच्छे सुसंस्कार देने होंगे कि महिलाओं के साथ जो घटनाएं हो रही हैं वह भविष्य में समाप्त हों, तभी हम महिला सशक्तिकरण को पूर्णतया सफल मान सकते हैं, सिर्फ ऐसे उत्सवों पर बात करना कुछ नहीं होता।





पुलिस महानिरीक्षक दर्शन लाल गोला का संबोधन

पुलिस महानिरीक्षक एवं निदेशक आंतरिक सुरक्षा अकादमी दर्शन लाल गोला ने कहा कि — "आज महिलाओं को बराबर का अधिकार दिए जाने की शुरुआत हुई है और लगातार सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रही है।" उन्होंने गर्व के साथ उल्लेख किया कि हमारी सीआरपीएफ और अन्य सेनाओं में महिलाओं की भागीदारी निरंतर बढ़ रही है। आज हर क्षेत्र में महिलाओं को आगे बढ़ाने के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि — "महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सशक्त रहने की आज भी जरूरत है और महिलाओं को अपने आप में भी अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना पड़ेगा।"

सांस्कृतिक प्रस्तुति और गणमान्य जनों की उपस्थिति

इस विशेष अवसर पर कार्यक्रम में मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं। वहीं, पर्यावरणविद् डॉक्टर अरुण शर्मा ने कविता के माध्यम से महिला सशक्तिकरण की बात को प्रभावी ढंग से रखा। इस अवसर पर पुलिस उपमहानिरीक्षक सुधांशु सिंह सहित अकादमी के अन्य अधिकारी, महिला, पुरुष और बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित थे। आज हर क्षेत्र में महिलाओं को आगे बढ़ाने के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं और सीआरपीएफ जैसी सेनाओं में उनकी बढ़ती भागीदारी इसका जीवंत प्रमाण है।

Sunil Acharya, Mount Abu

Sunil Acharya, Mount Abu

सुनिल आचार्य माउंट आबू से जुड़े प्रमुख रिपोर्टर हैं, जो स्थानीय और राष्ट्रीय समाचारों की विश्वसनीय और सटीक कवरेज के लिए जाने जाते हैं। उनकी पत्रकारिता में तथ्यपरक रिपोर्टिंग और घटनाओं की गहन समीक्षा का विशेष योगदान है। सुनिल आचार्य हर खबर को निष्पक्ष दृष्टिकोण से प्रस्तुत करते हैं और पाठकों तक सही जानकारी पहुँचाने का पूरा प्रयास करते हैं। उनका लेखन शैली सरल, स्पष्ट और प्रभावशाली है, जो पाठकों को समाचार के हर पहलू से अवगत कराता है।

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