माउंट आबू। विश्व भर में भारतीय संस्कृति, परंपराओं और ग्रंथों के प्रचार-प्रसार में स्वामीनारायण संप्रदाय की संस्थाओं की भूमिका एक बार फिर केंद्र में है। स्वामीनारायण भगवान द्वारा लगभग 199 वर्ष पूर्व रचित “शिक्षा पत्री” के 200 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर विश्वव्यापी स्तर पर मनाए जा रहे स्वामीनारायण शिक्षा पत्री महोत्सव के तहत राजस्थान के माउंट आबू में एक भव्य आयोजन संपन्न हुआ।

माउंट आबू स्थित स्वामीनारायण मंदिर में गुजरात से पधारे स्वामीनारायण मणिनगर गादी संस्थान के स्वामी निर्माण प्रिया दास जी महाराज का अनेक संतों के साथ भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर सैकड़ों विद्यार्थियों की उपस्थिति में स्वामीनारायण भगवान की शिक्षा पत्री की हजारों प्रतियों का वितरण किया गया। संतों द्वारा विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए शिक्षा पत्री में निहित नैतिक मूल्यों, अनुशासन और भारतीय संस्कृति के महत्व पर प्रकाश डाला गया।

कार्यक्रम के अंतर्गत बताया गया कि स्वामीनारायण शिक्षा पत्री के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आगामी एक माह तक लगातार स्कूलों में विविध कार्यक्रम और उत्सव आयोजित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से बालक-बालिकाओं को शिक्षा पत्री वितरित की जाएगी। इसी क्रम में अगले वर्ष 22 से 24 जनवरी तक पूरे विश्व में इस ऐतिहासिक अवसर पर भव्य आयोजन प्रस्तावित हैं।





स्वामीनारायण संप्रदाय की वैश्विक भूमिका का उल्लेख करते हुए वक्ताओं ने कहा कि विश्व स्तर पर हिंदू संस्कृति, परंपराओं और ग्रंथों के प्रचार में संप्रदाय की संस्थाओं का योगदान उल्लेखनीय रहा है। इसका उदाहरण देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भी समय-समय पर दिया जाता रहा है, जिन्होंने विभिन्न समारोहों में भाग लेकर इस परंपरा के महत्व को रेखांकित किया है।

इस आयोजन के दौरान संवाददाता से विशेष बातचीत में अंतर्राष्ट्रीय स्वामीनारायण संत और स्वामीनारायण मणिनगर गादी संस्थान के स्वामी निर्माण प्रिया दास जी महाराज ने शिक्षा पत्री को समाज के नैतिक और सांस्कृतिक उत्थान का आधार बताते हुए इसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। माउंट आबू में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि भारतीय संस्कृति के वैश्विक संदेश को सशक्त रूप से प्रस्तुत करता हुआ एक महत्वपूर्ण अध्याय बनकर उभरा।

Sunil Acharya, Mount Abu

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सुनिल आचार्य माउंट आबू से जुड़े प्रमुख रिपोर्टर हैं, जो स्थानीय और राष्ट्रीय समाचारों की विश्वसनीय और सटीक कवरेज के लिए जाने जाते हैं। उनकी पत्रकारिता में तथ्यपरक रिपोर्टिंग और घटनाओं की गहन समीक्षा का विशेष योगदान है। सुनिल आचार्य हर खबर को निष्पक्ष दृष्टिकोण से प्रस्तुत करते हैं और पाठकों तक सही जानकारी पहुँचाने का पूरा प्रयास करते हैं। उनका लेखन शैली सरल, स्पष्ट और प्रभावशाली है, जो पाठकों को समाचार के हर पहलू से अवगत कराता है।

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