माउंट आबू। पश्चिम भारत के प्रसिद्ध हिल स्टेशन माउंट आबू में कुदरत का अनोखा करिश्मा देखने को मिल रहा है, जहां कड़ाके की ठंड के बीच पूरा शहर बर्फ की सफेद चादर में लिपट गया है। राजस्थान का यह एकमात्र पर्वतीय स्थल इन दिनों 'राजस्थान के कश्मीर' की अपनी पहचान को पूरी तरह चरितार्थ कर रहा है। माउंट आबू के प्रमुख क्षेत्रों, विशेषकर चांदमारी और पोलो ग्राउंड में आज सुबह जब लोगों की आंखें खुलीं, तो नजारा बिल्कुल हिमालय की वादियों जैसा था। मैदानों से लेकर वाहनों की छतों तक, हर तरफ ओस की बूंदें जम चुकी थीं और बर्फ की एक मोटी परत ने पूरे परिदृश्य को धवल कर दिया था।

ग्राउंड जीरो से हमारे संवाददाता अनिल एरन की रिपोर्ट के अनुसार, आज का दिन पर्यटकों के लिए किसी सुनहरे सपने से कम नहीं रहा। चांदमारी क्षेत्र में जमी बर्फ ने इस कदर आकर्षण पैदा किया कि लोग ठिठुरन के बावजूद इस मंजर को अपने कैमरों में कैद करने से खुद को रोक नहीं पाए। बर्फीले आबू का यह स्वरूप अब पर्यटकों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बन गया है। शहर के हृदय स्थल नक्की लेक पर जब सैलानियों से बातचीत की गई, तो उनका उत्साह देखते ही बनता था। पर्यटकों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब उन्हें बर्फबारी और इस बर्फीले एहसास के लिए न शिमला जाने की जरूरत है, न मनाली और न ही कश्मीर; माउंट आबू में वह सब कुछ मौजूद है जिसकी तलाश एक घुमक्कड़ को होती है।

नक्की झील के किनारे सैलानियों का जमावड़ा लगा हुआ है और वे अन्य लोगों को भी माउंट आबू आने का निमंत्रण दे रहे हैं। प्रशासनिक दृष्टिकोण से भी इस बढ़ती भीड़ और कड़ाके की ठंड को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जा रहा है। स्थानीय लोगों और व्यापारियों के चेहरों पर भी मुस्कान है, क्योंकि इस बर्फीले मौसम ने पर्यटन व्यवसाय में नई जान फूंक दी है। माउंट आबू का यह 'मिनी हिमालय' अवतार न केवल पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि प्रकृति प्रेमियों को एक अद्भुत अनुभव भी प्रदान कर रहा है।

Pratahkal Bureau

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