माधव विश्वविद्यालय सिरोही में विश्व स्वास्थ्य दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
नर्सिंग विभाग और एनएसएस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।

स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता और जागरूकता के वैश्विक आह्वान को सशक्त करते हुए सिरोही स्थित माधव विश्वविद्यालय में विश्व स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में एक गरिमामय एवं ज्ञानवर्धक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के भव्य सभागार में आयोजित इस विशेष सत्र का क्रियान्वयन नर्सिंग विभाग एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) द्वारा टीपीसी टीम के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इस आयोजन का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों सहित आमजन को स्वास्थ्य के बुनियादी सिद्धांतों से अवगत कराना और आधुनिक समय की चुनौतियों के बीच एक स्वस्थ जीवनशैली आत्मसात करने के लिए प्रेरित करना था।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय के प्रो वाइस प्रेसिडेंट डॉ. सुशील भार्गव, होम्योपैथी विभाग की निदेशक डॉ. भारती देसाई, अकादमिक अधिष्ठाता डॉ. महेंद्र सिंह, एनएसएस निदेशक डॉ. देवेंद्र मुजाल्दा, नर्सिंग विभाग के प्राचार्य डॉ. एक्सवाई, विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता डॉ. डी.सी. उपाध्याय तथा इंजीनियरिंग संकाय के अधिष्ठाता डॉ. राजेंद्र वैरागी सहित अन्य गणमान्य विभूतियां मंचस्थ रहीं। सभी अतिथियों का विश्वविद्यालय की परंपरा के अनुरूप भावभीना और औपचारिक स्वागत किया गया।
बौद्धिक विमर्श के दौरान प्रो वाइस प्रेसिडेंट डॉ. सुशील भार्गव ने बदलती जीवनशैली के गंभीर परिणामों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान दौर में बढ़ती बीमारियों पर नियंत्रण के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और मानसिक संतुलन का त्रिकोणीय तालमेल अनिवार्य है। होम्योपैथी निदेशक डॉ. भारती देसाई ने वैकल्पिक चिकित्सा की महत्ता प्रतिपादित करते हुए बताया कि होम्योपैथी न केवल प्रभावी उपचार प्रदान करती है, बल्कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को नैसर्गिक रूप से सुदृढ़ बनाती है। उन्होंने युवाओं से प्राकृतिक और सुरक्षित चिकित्सा प्रणालियों से जुड़ने का आह्वान किया।
अकादमिक अधिष्ठाता डॉ. महेंद्र सिंह ने शिक्षा और स्वास्थ्य के अंतर्संबंधों को रेखांकित करते हुए इसे विद्यार्थी के सर्वांगीण विकास की आधारशिला बताया। एनएसएस निदेशक डॉ. देवेंद्र मुजाल्दा ने समाज निर्माण में स्वयंसेवकों की महत्ता को स्पष्ट करते हुए कहा कि जन-जागरूकता के अभियानों में युवाओं की सक्रियता ही सकारात्मक बदलाव की वाहक बनती है।
डॉ. देवेंद्र मुजाल्दा के कुशल संचालन में संपन्न हुए इस कार्यक्रम में टीपीसी टीम का विशेष तकनीकी एवं संगठनात्मक सहयोग रहा। इस अवसर पर एनएसएस स्वयंसेवकों और विद्यार्थियों ने स्वास्थ्य विषयक विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक अपनी भागीदारी दर्ज कराई। कार्यक्रम के समापन सत्र में डॉ. देवेंद्र मुजाल्दा ने सभी अतिथियों, आयोजकों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस भव्य आयोजन में नर्सिंग विभाग के संकाय सदस्य, एनएसएस समन्वयक संगीता सिंह, सह-समन्वयक डॉ. दुष्यंत राणावत सहित भारी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन किया कि वे स्वास्थ्य जागरूकता के इस संदेश को समाज के अंतिम छोर तक पहुँचाएंगे।

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