सिरोही। राजस्थान के उच्च शिक्षा परिदृश्य में एक युगांतरकारी परिवर्तन की आधारशिला रखते हुए माधव यूनिवर्सिटी ने रिड्यूकेट कृत्रिम बुद्धिमत्ता की कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं आंकड़ा विज्ञान इकाई “कोडिंग प्रो” के साथ एक रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है। यह समझौता प्रदेश में आधुनिक तकनीक आधारित उच्च शिक्षा की एक नई और क्रांतिकारी दिशा तय करने वाला सिद्ध होगा। इस ऐतिहासिक पहल के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2026 से विश्वविद्यालय परिसर में एक ऐसी शैक्षणिक व्यवस्था विकसित की जाएगी जो पूर्णतः कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पर आधारित होगी, जिसका मुख्य ध्येय विद्यार्थियों को भविष्य की वैश्विक तकनीकी चुनौतियों और आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष बनाना है।

इस दूरदर्शी परियोजना के तहत अभियांत्रिकी, संगणक अनुप्रयोग, प्रबंधन, कृषि, विधि, मानविकी तथा संबद्ध स्वास्थ्य विज्ञान जैसे विविध संकायों में विशेष एआई-आधारित पाठ्यक्रम समाहित किए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि इन पाठ्यक्रमों का निर्माण राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों एवं उद्योग जगत की वर्तमान मांग को ध्यान में रखकर किया गया है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को न केवल गहन सैद्धांतिक ज्ञान प्राप्त होगा, बल्कि वे व्यावहारिक प्रशिक्षण, वास्तविक जीवन की परियोजनाओं और अत्याधुनिक तकनीकी उपकरणों के माध्यम से विषय की सूक्ष्मताओं को आत्मसात कर सकेंगे।

विश्वविद्यालय की आधारभूत संरचना में भी आमूलचूल परिवर्तन करते हुए परिसर में आधुनिक डिजिटल कक्षाएं, आभासी प्रयोगशालाएं और एआई-संचालित शिक्षण सहयोग प्रणाली स्थापित की जाएगी, जो प्रत्येक विद्यार्थी के लिए व्यक्तिगत अध्ययन की सुगम व्यवस्था सुनिश्चित करेगी। प्रशिक्षण के मुख्य क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के साथ-साथ आंकड़ा विश्लेषण, संगणकीय सुरक्षा, क्लाउड प्रौद्योगिकी, रोबोट तकनीक, स्वचालन प्रणाली तथा आधुनिक औद्योगिक तकनीकें शामिल रहेंगी। साथ ही, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु तकनीकी प्रतियोगिताएं, नवाचार परियोजनाएं, शोध गतिविधियां और उद्योग-आधारित रोजगार के प्रचुर अवसर भी सृजित किए जाएंगे।

विश्वविद्यालय के चेयरमैन डॉ. राजकुमार ने इस सहयोग को प्रदेश की उच्च शिक्षा के लिए एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम बताया है। रिड्यूकेट कृत्रिम बुद्धिमत्ता के संस्थापक सुमित भट ने इस अवसर पर कहा कि भारत को आज ऐसी शिक्षण संस्थाओं की महती आवश्यकता है जो युवाओं को भविष्य की तकनीक के अनुकूल तैयार कर सकें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल विद्यार्थियों को न केवल श्रेष्ठ रोजगार दिलाने में सहायक होगी, बल्कि उन्हें नई तकनीकी कंपनियां और स्टार्टअप स्थापित करने हेतु भी सशक्त बनाएगी। कोडिंग प्रो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शिवकुमार मौर्य तथा रजिस्ट्रार डॉ. भावेश कुमावत ने संयुक्त रूप से कहा कि यह साझेदारी राजस्थान में तकनीक आधारित शिक्षा के क्षेत्र में एक नया स्वर्णिम अध्याय लिखेगी, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।

Dineshkumar Bohra, Sirohi

Dineshkumar Bohra, Sirohi

नाम: दिनेश बोहरा

वर्तमान पद: रिपोर्टर

कार्यक्षेत्र: सिरोही जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): क्राइम, राजनीति, शिक्षा और प्रशासनिक खबरें

परिचय एवं अनुभव

दिनेश बोहरा सिरोही जिले से एक सक्रिय रिपोर्टर हैं। वह वर्तमान में 'फर्स्ट इंडिया न्यूज' में रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं और वहां सभी प्रकार की खबरों को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में उनका अनुभव निम्नलिखित है:

  • फर्स्ट इंडिया न्यूज: वर्ष 2013 से लगातार इस संस्थान से जुड़े हुए हैं और रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
  • प्रातःकाल: पिछले कुछ समय से वह 'प्रातःकाल' समाचार पत्र और मीडिया प्लेटफॉर्म के साथ भी जुड़कर कार्य कर रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

दिनेश बोहरा शैक्षणिक रूप से परास्नातक हैं। उनकी योग्यता निम्नलिखित है:

  • कला स्नातक (B.A.)
  • कला स्नातकोत्तर (M.A.)

Next Story