बर्फीली चादर में लिपटा 'राजस्थान का कश्मीर': माउंट आबू में पारा -4 डिग्री, गुरु शिखर पर -6 डिग्री दर्ज, पर्यटकों के चेहरों पर खिली खुशी
राजस्थान के एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू में कड़ाके की ठंड ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। शहर का तापमान -4 डिग्री और गुरु शिखर का पारा -6 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया है। पोलो ग्राउंड, अचलगढ़ और पीस पार्क पूरी तरह बर्फ की सफेद चादर में लिपट गए हैं। गाड़ियों और मैदानों पर जमी बर्फ को देखकर पर्यटक रोमांचित हैं और इसे 'राजस्थान का कश्मीर' कह रहे हैं। जानिए कैसे माउंट आबू की वादियों में कुदरत ने बिखेरा है बर्फीला सौंदर्य।

माउंट आबू: राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन और 'मरुधरा का कश्मीर' कहे जाने वाले माउंट आबू ने एक बार फिर बर्फीली वादियों का रूप धारण कर लिया है। अरावली की पहाड़ियों में बसी इस खूबसूरत नगरी में पिछले दो दिनों से तापमान में जारी लगातार गिरावट ने समूचे क्षेत्र को एक शीतल और धवल लोक में परिवर्तित कर दिया है। हाड़ कंपा देने वाली सर्दी और गिरते पारे के बीच आज माउंट आबू का दृश्य किसी जन्नत से कम नहीं था, जहाँ कुदरत ने हर तरफ बर्फ की सफेद चादर बिछा दी है।
शहर के मुख्य आकर्षण केंद्र पोलो ग्राउंड का नजारा आज सुबह देखते ही बनता था। खुले मैदानों में ओस की बूंदें जमकर ठोस बर्फ बन चुकी थीं, जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो किसी ने रातों-रात पूरे मैदान पर सफेद कालीन बिछा दी हो। न केवल मैदान, बल्कि सड़कों पर खड़ी पर्यटकों की गाड़ियों की छतों, बोनट और शीशों पर भी बर्फ की मोटी परत जमी हुई दिखाई दी। उद्यानों में खिले फूलों और पेड़-पौधों पर जमी बर्फ ने माउंट आबू के सौंदर्य को कई गुना बढ़ा दिया है। शहर के चाँदमारी क्षेत्र, कुम्हार वाड़ा, पीस पार्क और ऐतिहासिक अचलगढ़ की पहाड़ियों सहित चारों ओर का मंजर पूरी तरह से बर्फीला हो चुका है।
मौसम विभाग के आंकड़ों और स्थानीय थर्मामीटरों के अनुसार, माउंट आबू के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। शहर का न्यूनतम तापमान लुढ़क कर -4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, हालांकि इसमें पिछले दिनों के मुकाबले मामूली तकनीकी सुधार (3 डिग्री) दर्ज किया गया है, लेकिन ठंड का प्रकोप जस का तस है। वहीं, अरावली की सबसे ऊंची चोटी गुरु शिखर पर कड़ाके की सर्दी का असर और भी तीखा रहा, जहां पारा -6 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा है। इस जमाव बिंदु से नीचे के तापमान ने झरनों और पानी के स्रोतों को भी आंशिक रूप से जमा दिया है।
इस हाड़ कंपा देने वाली सर्दी का सबसे अधिक लुत्फ यहाँ आए सैलानी उठा रहे हैं। मैदानी इलाकों और महानगरों से आए पर्यटकों के लिए यह बर्फीला मंजर किसी आश्चर्य से कम नहीं है। कड़ाके की ठंड के बावजूद पर्यटकों का उत्साह चरम पर है और वे पोलो ग्राउंड सहित अन्य दर्शनीय स्थलों पर इस 'फ्रोजन' अनुभव को अपने कैमरों में कैद करते नजर आए। हमारे संवाददाता द्वारा ली गई जानकारी के अनुसार, पर्यटकों ने इस मौसम को 'पैसा वसूल' अनुभव बताया है और वे इस नैसर्गिक सौंदर्य को देखकर खासे आनंदित हैं।
निष्कर्षतः, पश्चिम भारत के इस प्रमुख पहाड़ी स्थल पर सर्दी का यह सितम पर्यटकों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं है। माउंट आबू में जमी बर्फ और जमाव बिंदु से नीचे गया तापमान न केवल मौसम के बदलते मिजाज का संकेत है, बल्कि यह राज्य में पर्यटन की संभावनाओं को भी नई ऊंचाइयां दे रहा है। आने वाले दिनों में सर्दी का यह दौर इसी तरह जारी रहने की संभावना है, जो माउंट आबू को पर्यटकों की पहली पसंद बनाए रखेगा।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
