कालन्द्री थानाधिकारी की टिप्पणी पर बवाल, ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर की निलंबन की मांग
सीआई गंगा प्रसाद और गोपाल परमार के वायरल ऑडियो के बाद उपजा विवाद, कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शनकारी सिरोही मुख्यालय के लिए रवाना।

राजस्थान के सिरोही जिले में स्थित कालन्द्री थाना क्षेत्र में उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई जब थानाधिकारी द्वारा की गई एक कथित आपत्तिजनक टिप्पणी ने सामाजिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी। कालन्द्री सीआई गंगा प्रसाद पर आरोप है कि उन्होंने एक जाति विशेष के विरुद्ध अमर्यादित और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया है। इस विवाद की जड़ एक ऑडियो क्लिप को माना जा रहा है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस वायरल ऑडियो में सीआई गंगा प्रसाद और आजाद समाज पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष गोपाल परमार के मध्य हुई बातचीत दर्ज है, जिसमें कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया है।
इस घटना के सार्वजनिक होते ही क्षेत्र के सैकड़ों लोग आक्रोशित हो गए और उन्होंने न्याय की मांग को लेकर कालन्द्री थाने का घेराव कर दिया। थाने के बाहर बड़ी संख्या में एकत्रित हुए प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की और प्रशासन के समक्ष स्पष्ट मांग रखी कि सीआई गंगा प्रसाद को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए तथा उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया जाए। मामले की संवेदनशीलता और बिगड़ते हालातों को देखते हुए रेवदर डिप्टी मनोज कुमार गुप्ता और रेवदर सीआई सीताराम पंवार दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर उन्हें शांत कराने का अथक प्रयास किया, किंतु वार्ता का कोई सकारात्मक परिणाम निकलकर सामने नहीं आया।
प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई करते हुए पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ ने गत दिवस सीआई गंगा प्रसाद को कालन्द्री थाने से लाइन हाजिर कर दिया था और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच एएसपी जसाराम को सौंपी थी। हालांकि, प्रदर्शनकारी पुलिस की इस कार्रवाई से संतुष्ट नजर नहीं आए। उनका स्पष्ट रूप से आरोप है कि लाइन हाजिर करना पर्याप्त दंड नहीं है; सीआई को पद से निलंबित कर सलाखों के पीछे भेजा जाना चाहिए। जब स्थानीय स्तर पर आक्रोश शांत नहीं हुआ, तो प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर कालन्द्री से जिला मुख्यालय सिरोही के लिए कूच कर गए। वहां उन्होंने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग दोहराई। फिलहाल, क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन निरंतर प्रयास कर रहा है, लेकिन इस घटना ने स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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