श्री घनश्यामदास चतुर्भुज आचार्य जी के निधन का समाचार सामने आने के बाद शोक की भावना व्यक्त की गई। उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिजनों को यह आघात सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की गई।

शोक संदेश में कहा गया कि पूजनीय पिताजी श्री घनश्यामदास चतुर्भुज आचार्य जी के निधन का समाचार जानकर मन को गहरा आघात पहुंचा। यह क्षति अपूरणीय है, किंतु ईश्वरीय इच्छा और विधि के विधान के आगे हम सब असहाय हैं। हरि इच्छा सर्वोपरि है।

संदेश में परम पिता परमेश्वर से प्रार्थना की गई कि दिवंगत आत्मा को परम शांति व श्रीचरणों में स्थान मिले और शोक संतप्त परिजनों को इस कठिन समय में आघात सहन करने की शक्ति प्राप्त हो।

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