माउंट आबू: सीआरपीएफ के 87वें रेजिंग डे पर आंतरिक सुरक्षा अकादमी में रक्तदान शिविर
आंतरिक सुरक्षा अकादमी के निदेशक दर्शन लाल गोला ने शिविर का शुभारंभ किया जहाँ बल के अधिकारियों और जवानों ने स्थानीय जनता की सहायता हेतु रक्तदान किया।

माउंट आबू स्थित आंतरिक सुरक्षा अकादमी में सीआरपीएफ के 87वें रेजिंग डे पखवाड़े के दौरान आयोजित रक्तदान शिविर में मुख्य अतिथि दर्शन लाल गोला और अन्य अधिकारी।
आंतरिक सुरक्षा अकादमी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के तत्वाधान में माउंट आबू में सीआरपीएफ के 87वें रेजिंग डे के अवसर पर पखवाड़े के तहत अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ, जिसमें देश के सबसे बड़े अर्ध सैनिक बल के पुलिस अधिकारी, महिला अधिकारी एवं जवान, कार्मिक सभी ने माउंट आबू में आयोजित रक्तदान शिविर में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। अधिकारियों ने रक्तदान कर, माउंट आबू में और आसपास के क्षेत्र में रक्त की जरूरत को पूरा करने में अपनी अहम भूमिका निभाई।
पुलिस महानिरीक्षक दर्शन लाल गोला ने किया शुभारंभ
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस महानिरीक्षक एवं अकादमी के निदेशक दर्शन लाल गोला रहे, जिन्होंने दीप प्रज्वलित कर शिविर का विधिवत शुभारंभ किया। उनके साथ पुलिस उपमहानिरीक्षक सुधांशु सिंह सहित अन्य अधिकारी व कार्मिक भी मौजूद रहे। इस अवसर पर बल के जवानों में "रक्तदान महादान" के संकल्प को लेकर भारी उत्साह देखा गया।
सामाजिक सरोकारों में बल की अहम भूमिका
मुख्य अतिथि दर्शन लाल गोला ने संबोधन में कहा कि "87वां रेजिंग डे पूरे देश में विभिन्न आयोजनों के साथ मनाया जा रहा है। आज देश में आंतरिक सुरक्षा के प्रति जहां इस बल ने अहम भूमिका निभाई है, वही रक्तदान शिविर और अन्य आयोजन भी भव्य रूप से किया जा रहे हैं।" उन्होंने आगे बल की सेवा भावना पर बल देते हुए कहा कि "हमारा बल सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों में भी अपनी अहम भूमिका निभाता रहा है, और पूरे देश में इस प्रकार के कार्यक्रम चल रहे हैं जिसमें जनता को भी इसका लाभ मिल सके।"
जनता के हित में बल का सराहनीय कार्य
निदेशक ने रक्तदान के महत्व को रेखांकित करते हुए स्पष्ट किया कि "माउंट आबू में जो बल के अधिकारियों जवानों से जो रक्त एकत्रित किया जा रहा है वह माउंट आबू और आसपास की जनता के काम आएगा, और इस रक्त के द्वारा किसी की जान बचती है तो इस बल के इस सराहनीय कार्य को समय-समय पर याद भी किया जाएगा।" माउंट आबू में 10 मार्च को आयोजित इस शिविर ने अर्धसैनिक बल की कर्तव्यनिष्ठा और मानवता के प्रति उनके समर्पण को एक बार फिर सिद्ध किया है।

Sunil Acharya, Mount Abu
सुनिल आचार्य माउंट आबू से जुड़े प्रमुख रिपोर्टर हैं, जो स्थानीय और राष्ट्रीय समाचारों की विश्वसनीय और सटीक कवरेज के लिए जाने जाते हैं। उनकी पत्रकारिता में तथ्यपरक रिपोर्टिंग और घटनाओं की गहन समीक्षा का विशेष योगदान है। सुनिल आचार्य हर खबर को निष्पक्ष दृष्टिकोण से प्रस्तुत करते हैं और पाठकों तक सही जानकारी पहुँचाने का पूरा प्रयास करते हैं। उनका लेखन शैली सरल, स्पष्ट और प्रभावशाली है, जो पाठकों को समाचार के हर पहलू से अवगत कराता है।
