सरूपगंज। माधव विश्वविद्यालय में संविधान दिवस का आयोजन हर्षोल्लास और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। विश्वविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों ने इस अवसर पर सक्रिय भागीदारी निभाई, जिससे कार्यक्रम का स्वरूप विशेष रूप से प्रभावशाली बना।

कार्यक्रम का शुभारंभ एनएसएस निदेशक एवं छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. देवेंद्र मुझाल्दा द्वारा किया गया। स्वागत संबोधन में उन्होंने भारतीय संविधान की महत्ता, उसकी बुनियादी संरचना, नागरिक अधिकार एवं कर्तव्यों पर विस्तृत प्रकाश डाला। डॉ. मुझाल्दा ने कहा कि भारतीय संविधान केवल शासन का आधार नहीं, बल्कि यह देश की संस्कृति, विचारधारा और लोकतांत्रिक भावना का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने युवा पीढ़ी से आग्रह किया कि वे संविधान के प्रति जागरूक रहें और समाज एवं राष्ट्रहित में सक्रिय योगदान दें।

इस अवसर पर अकादमिक अधिष्ठाता डॉ. महेंद्र सिंह सहित विश्वविद्यालय के सभी संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, शिक्षक, एनएसएस स्वयंसेवक और छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। स्वयंसेवकों ने आयोजन में अनुशासन, समन्वय और संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे कार्यक्रम सफल एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सका।

कार्यक्रम की विशेष आकर्षण रही छात्रों द्वारा संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन, जिसमें सभी उपस्थित सदस्य भारत की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प दोहराते नजर आए। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में संविधान के प्रति सम्मान, जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना उत्पन्न करना था, जिसे व्यापक सहभागिता और प्रभावशाली ढंग से प्राप्त किया गया।

समारोह का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि संविधान की रक्षा और उसके आदर्शों के प्रति जागरूक रहना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। माधव विश्वविद्यालय में यह कार्यक्रम न केवल छात्रों के लिए प्रेरणास्रोत रहा, बल्कि एक मजबूत लोकतांत्रिक चेतना के प्रसार में भी सहायक सिद्ध हुआ।

Pratahkal Bureau

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