माउंट आबू, 06 फरवरी।


परमात्मा से संबंध और आध्यात्मिक जागृति

ब्रह्माकुमारी संगठन की संयुक्त मुख्य प्रशासिका बीके शशि प्रभा ने कहा कि "शिवरात्रि पर्व शिव परमात्मा को रिझाने का पर्व है, ऐसे मौक पर उनसे संबंध जोडऩे पर अज्ञान तिमिर से ढके चक्षु ज्ञान से प्रकाशवान होते हैं।" उन्होंने जोर दिया कि अध्यात्म के बल पर ही समाज में बढ़ रही आसुरी वृत्तियों को समाप्त करना संभव है। उनके अनुसार, जड़ वस्तुओं से जुडकऱ शांति नहीं प्राप्त की जा सकती है। अविनाशी चेतन सत्ता परमात्मा से मन के तार जोडऩे से ही समाज को नई दिशा दी जा सकती है। यह बात उन्होंने शुक्रवार को ब्रह्माकुमारी संगठन की ओर से शिवरात्रि पखवाडा महोत्सव के तहत पीसपार्क में आयोजित कार्यक्रम में कही।


देह-अभिमान और बुराइयों का मूल कारण

मल्टी मीडिया प्रमुख व संगठन सचिव बीके करूणा ने कहा कि:

  • "सभी प्रकार की बुराईयों की जड़ देह-अभिमान है।"
  • बार-बार देह का चिन्तन करने से आत्मा के ऊपर विकारों की परत चढ़ी है।
  • जिससे मुक्ति पाने को अपनी वृति को संपूर्ण रूप से निर्विकारी बनाने की जरूरत है।


ज्ञान की अग्नि और देवत्व संस्कारों का जागरण

ज्ञान सरोवर निदेशिका बीके प्रभा बहन ने कहा कि "ज्ञान अग्नि की तरह है। जिससे मन के भीतर से सदविचारों का उदगम होने से आत्मदर्शन होता है।" सुषुप्त सात्विक प्रवृति से अंदर के देवत्व संस्कारों का जागरण होता है और दुष्प्रवत्तियों का नाश होता है। उन्होंने बताया कि आध्यात्म की गरिमा तपोमय जीवन से ही परिलक्षित होती है।


मानसिक स्वास्थ्य और वैचारिक संपन्नता

आध्यात्मिक संग्रहालय प्रभारी बीके वर्षा बहन ने कहा कि "मन के श्रेष्ठ विचारों का अभाव होने से ही मन अनेक प्रकार की कुंठाओं से ग्रस्ति होता है जिससे तनावजन्य व्याधियां उत्पन्न होने से चिंता, परेशानी, भय आदि वातावरण का निर्माण होता है।"

पीसपार्क प्रभारी बेजुल शाह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि:

  • "दरिद्रता विचारों से होती है धन से नहीं।"
  • धन, वैभव, मान, प्रतिष्ठा होने के बावजूद भी मनुष्य के पास शांति नहीं है।
  • विखंडित विचारों से समाज को वैकुण्ठ नहीं बनाया जा सकता है।


महोत्सव में गणमान्य जनों की गरिमामयी उपस्थिति

इस अवसर पर इन वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किये:

  • न्यायविद प्रभाग की राष्ट्रीय संयोजिका बीके लता अग्रवाल
  • शिक्षा प्रभाग संयोजिका बीके सुमन बहन
महोत्सव में देश विदेश से आए बड़ी संख्या में राजयोगी श्रद्धालूगण उपस्थित थे।


माउंट आबू। शिवरात्रि कार्यक्रम को संबोधित करते वक्तागण।

माउंट आबू। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालूगण।

Sunil Acharya, Mount Abu

Sunil Acharya, Mount Abu

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