ब्रह्माकुमारी संगठन के तत्वावधान में सुरक्षा प्रभाग द्वारा ज्ञान सरोवर अकादमी परिसर में आयोजित सुरक्षा बलों का राष्ट्रीय सम्मेलन सोमवार को आध्यात्मिक ऊर्जा और राष्ट्र सेवा के संकल्पों के साथ संपन्न हुआ। समापन सत्र को संबोधित करते हुए संगठन की संयुक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी सुदेश दीदी ने उपस्थित जनसमूह को प्रेरित करते हुए कहा कि आध्यात्मिक शक्ति की अनुभूति के अभाव में मानवीय जीवन नीरस भावनाओं के चक्रव्यूह में उलझकर रह जाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जीवन की वास्तविक समझ विकसित करने के लिए स्वयं को उस सुप्रीम सत्ता परमात्मा से जोड़ना अनिवार्य है। सुदेश दीदी के अनुसार, जब मन में 'वसुधैव कुटुम्बकम' की पावन भावना जागृत होती है, तब परमात्मा का अहसास जीवन भर के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बन जाता है।

सम्मेलन के दौरान डीआरडीओ के डीएस एवं डीजीटीएम एल.सी. मंगल ने ईश्वरीय ज्ञान की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सत्य ज्ञान की ऊर्जा मन के समस्त संतापों को हर लेती है, जिससे भीतर सकारात्मक संकल्पों की अथाह ऊर्जा प्रवाहित होने लगती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अध्यात्म से जुड़ने पर सेवा क्षेत्र की जटिल जिम्मेदारियों के बीच सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है और विकराल परिस्थितियों का निस्तारण परमपिता शिव परमात्मा से योग लगाकर सुगमता से किया जा सकता है। इसी क्रम में पश्चिम बंगाल के पूर्व डीजीपी वीरेंद्र ने सीमा सुरक्षा की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए साझा किया कि दुश्मनों का सामना करते समय यदि परमात्मा को साथी बना लिया जाए, तो हर असंभव कार्य संभव हो जाता है। उन्होंने कहा कि ईश्वरीय सुरक्षा की छत्रछाया में पहाड़ जैसी विकट परिस्थितियां भी रूई के समान हल्की प्रतीत होने लगती हैं।

इस गरिमामयी अवसर पर छत्तीसगढ़ वेस्टरीम सीबोर कमांडर एडीजी एम.वी. पाठक, दिल्ली से आईं एसआई गौरी विष्ट, कैप्टन शिव सिंह, सेवानिवृत्त कर्नल विकास चौहान, राष्ट्रीय संयोजक बीके शैलेंद्र और अहमदाबाद से आए सीएल वर्मा ने भी अपने गहन ईश्वरीय अनुभवों को साझा किया और जीवन में आध्यात्मिकता के समावेश पर बल दिया। कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ राजयोग प्रशिक्षिका बीके सारिका बहन द्वारा किया गया, जिन्होंने उपस्थित प्रतिभागियों को राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से गहन शांति की अनुभूति कराई। समापन सत्र के दौरान राजयोगिनी सुदेश दीदी सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने सहभागियों को संबोधित कर इस आयोजन के वैश्विक एवं आंतरिक सुरक्षा के महत्व को रेखांकित किया।

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