माउंट आबू। पश्चिम भारत के इकलौते हिल स्टेशन और राजस्थान-गुजरात की सीमा पर स्थित सुरम्य माउंट आबू में प्रकृति का अद्भुत रूप देखने को मिल रहा है। आसमान से बादलों की विदाई होते ही समूचा पर्वतीय क्षेत्र कड़ाके की ठंड और शीतलहर की चपेट में आ गया है। पिछले 24 घंटों के भीतर माउंट आबू के तापमान में 10 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिसने जनजीवन को ठिठुराने के साथ-साथ पर्यटकों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ दी है। शुक्रवार को माउंट आबू का न्यूनतम तापमान जमाव बिंदु को पार कर शून्य से 3 डिग्री सेल्सियस नीचे जा पहुंचा, जिसके चलते चारों ओर बर्फ की सफेद चादर बिछी नजर आ रही है।

नए साल के दूसरे दिन कुदरत के इस करिश्मे ने माउंट आबू को 'मिनी कश्मीर' में तब्दील कर दिया है। शहर के खुले मैदानों, बगीचों और नक्की झील के किनारों पर खड़ी गाड़ियों के शीशों पर बर्फ की मोटी परत जमी देखी गई। घास के मैदानों पर ओस की बूंदें सफेद मोतियों की तरह जम गई हैं, जो सूर्य की पहली किरण के साथ चमकती हुई पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर रही हैं। कड़ाके की ठंड के बावजूद पर्यटकों का उत्साह चरम पर है। यहां आए सैलानियों का कहना है कि जब माउंट आबू में कश्मीर, शिमला और मनाली जैसा अनुभव मिल रहा है, तो कहीं और जाने की क्या आवश्यकता है।

माउंट आबू न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता बल्कि अपने धार्मिक महत्व के लिए भी विश्व विख्यात है। वर्तमान में यहां का बर्फीला मंजर पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बन गया है। हमारे संवाददाता ने मौके पर पहुंचकर पर्यटकों से खास बातचीत की, जिसमें सैलानियों ने बताया कि वे इस जादुई मौसम का भरपूर आनंद ले रहे हैं। स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले वीकेंड पर पर्यटकों की संख्या में भारी इजाफा होगा। गुजरात और राजस्थान के नजदीकी जिलों से हजारों की तादाद में सैलानी इस बर्फीले नजारे का लुत्फ उठाने माउंट आबू का रुख कर सकते हैं। फिलहाल, पूरा हिल स्टेशन हाड़ कंपा देने वाली ठंड और बर्फबारी के अहसास के बीच एक उत्सव के माहौल में डूबा हुआ है।

Sunil Acharya, Mount Abu

Sunil Acharya, Mount Abu

सुनिल आचार्य माउंट आबू से जुड़े प्रमुख रिपोर्टर हैं, जो स्थानीय और राष्ट्रीय समाचारों की विश्वसनीय और सटीक कवरेज के लिए जाने जाते हैं। उनकी पत्रकारिता में तथ्यपरक रिपोर्टिंग और घटनाओं की गहन समीक्षा का विशेष योगदान है। सुनिल आचार्य हर खबर को निष्पक्ष दृष्टिकोण से प्रस्तुत करते हैं और पाठकों तक सही जानकारी पहुँचाने का पूरा प्रयास करते हैं। उनका लेखन शैली सरल, स्पष्ट और प्रभावशाली है, जो पाठकों को समाचार के हर पहलू से अवगत कराता है।

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