आबू रोड: कड़ाके की ठंड में मानवता की गर्माहट, 2000 श्रमिकों को बांटे कंबल और दिलाया नशामुक्ति का संकल्प
आबू रोड में कड़ाके की ठंड के बीच ब्रह्माकुमारीज संस्थान ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए 2000 श्रमिकों को कंबल वितरित किए। प्रजापिता ब्रह्मा बाबा की 58वीं पुण्यतिथि पर आयोजित इस कार्यक्रम में बीके विजया और बीके उर्मिला ने लोगों को नशामुक्ति और सकारात्मक जीवन जीने का संकल्प दिलाया। सेवा और आध्यात्मिकता के इस संगम की पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।

आबू रोड। पहाड़ों की गोद में बसे आबू रोड और पर्यटन नगरी माउंट आबू में इन दिनों हाड़ कंपाने वाली सर्दी का सितम जारी है। पारे में भारी गिरावट और बर्फीली हवाओं के बीच जहां जनजीवन ठिठुर रहा है, वहीं ब्रह्माकुमारीज संस्थान ने मानवता की सेवा की एक मिसाल पेश की है। संस्थान के साकार संस्थापक प्रजापिता ब्रह्मा बाबा की 58वीं पुण्यतिथि के पावन अवसर पर एक विशाल सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें संस्थान में कार्यरत 2000 श्रमिकों और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के जरूरतमंद लोगों को सर्दी से बचाव के लिए कंबलों का वितरण किया गया।
इस गरिमामय कार्यक्रम की शुरुआत आध्यात्मिक ऊर्जा और सेवा भाव के साथ हुई। कंबल पाकर श्रमिकों के चेहरों पर राहत की मुस्कान तैर गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डूंगरपुर सेवा केंद्र प्रभारी बीके विजया ने उपस्थित जनसमूह को प्रेरित करते हुए कहा कि जिस प्रकार हम कड़कड़ाती ठंड से शरीर की रक्षा के लिए गर्म वस्त्र धारण करते हैं, उसी प्रकार वर्तमान समय में मन को नकारात्मकता और आसुरी प्रवृत्तियों से बचाना नितांत आवश्यक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नशा और बुराइयां इंसान के आत्मिक बल को क्षीण करती हैं, इसलिए शरीर के साथ-साथ मन की सुरक्षा का संकल्प लेना ही श्रेष्ठ जीवन की ओर बढ़ने का एकमात्र मार्ग है।
इसी क्रम में ज्ञानामृत पत्रिका की संपादिका बीके उर्मिला ने अपने विचार साझा करते हुए स्वास्थ्य और मन के अंतर्संबंधों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार शरीर को स्वस्थ रखने के लिए शुद्ध खुराक की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार मन को भी सकारात्मक और आध्यात्मिक खुराक देनी चाहिए ताकि उसमें किसी भी प्रकार की बुराई का अंकुर न पनप सके। इस दौरान उपस्थित बीके सुधीर और बीके अमृत भाई ने भी अपने प्रेरणादायी उद्बोधनों से लोगों को नशामुक्ति का संकल्प दिलाया और एक आदर्श जीवन शैली अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में बीके बल्लभ, बीके अमरदीप और बीके कृष्णा सहित संस्थान के कई वरिष्ठ सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी निभाई और अपने हाथों से जरूरतमंदों को कंबल प्रदान किए। यह आयोजन न केवल भौतिक सहायता का माध्यम बना, बल्कि इसने समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को यह अहसास भी कराया कि संकट की घड़ी में संस्थान उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। ब्रह्मा बाबा की स्मृति में आयोजित इस सेवा प्रकल्प ने क्षेत्र में परोपकार और नशामुक्ति के संदेश को एक नई ऊंचाई प्रदान की है।

Pratahkal Bureau
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