आबू रोड: शांति के सागर में डूबेगा संसार, ब्रह्मा बाबा की 57वीं पुण्यतिथि पर उमड़ेगा आस्था का सैलाब
आबू रोड में ब्रह्माकुमारीज संस्थान के संस्थापक प्रजापिता ब्रह्मा बाबा की 57वीं पुण्यतिथि को 'विश्व शांति दिवस' के रूप में मनाया जा रहा है। शांतिवन के डायमंड हॉल में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में राजयोगिनी बीके मुन्नी दीदी, बीके जयन्ति दीदी और हजारों श्रद्धालु शिरकत करेंगे। ब्रह्ममुहूर्त से शुरू होने वाली ध्यान साधना और श्रद्धांजलि सभा के माध्यम से वैश्विक शांति का संदेश दिया जाएगा।

आबू रोड। अध्यात्म और शांति की पावन धरा आबू रोड से कल विश्व शांति की एक ऐसी गूंज उठेगी, जो सात समंदर पार तक सुनाई देगी। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के साकार संस्थापक, जन-जन के प्रेरणास्रोत प्रजापिता ब्रह्मा बाबा की 57वीं पुण्यतिथि को इस वर्ष 'विश्व शांति दिवस' के रूप में बेहद भव्य और भावपूर्ण तरीके से मनाया जा रहा है। 18 जनवरी का यह दिन न केवल एक महान विभूति की स्मृति का दिन है, बल्कि यह वह क्षण है जब पूरी मानवता एक सुर में शांति की प्रार्थना करेगी। शांतिवन स्थित विशाल डायमंड हॉल कल एक आध्यात्मिक महाकुंभ का साक्षी बनेगा, जहाँ देश-दुनिया के कोने-कोने से आए हजारों श्रद्धालु अपने आराध्य को श्रद्धासुमन अर्पित करने जुटेंगे।
ब्रह्मा बाबा के अलौकिक व्यक्तित्व और उनके शांति के संदेश को समर्पित इस आयोजन का आगाज़ रविवार तड़के 3:30 बजे ब्रह्ममुहूर्त की वेला में गहन ध्यान साधना के साथ होगा। जैसे ही सूरज की पहली किरण धरती को छुएगी, हजारों योगी आत्माएं मौन रहकर विश्व कल्याण का संकल्प लेंगी। इस पावन अवसर पर महाराष्ट्र, पंजाब और गुजरात समेत भारत के विभिन्न राज्यों और विदेशों से आए अनुयायियों का हुजूम कतारबद्ध होकर अपने प्रिय बाबा को नमन करेगा। आयोजन की गरिमा को बढ़ाने के लिए संस्थान की शीर्ष नेतृत्व शक्ति भी उपस्थित रहेगी, जिसमें संस्थान की अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके मुन्नी दीदी, राजयोगिनी बीके जयन्ति दीदी, संयुक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके संतोष दीदी, महासचिव बीके करुणा भाई और अतिरिक्त महासचिव बीके मृत्युंजय भाई विशेष रूप से शामिल होकर शांति की रश्मियां फैलाएंगे।
यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान मात्र नहीं है, बल्कि यह वैश्विक अशांति के दौर में मानवता को प्रेम और भाईचारे का मार्ग दिखाने वाला एक सशक्त माध्यम है। संस्थान के पदाधिकारियों का मानना है कि ब्रह्मा बाबा के दिखाए मार्ग पर चलकर ही विश्व में स्थायी शांति की स्थापना संभव है। श्रद्धा और ध्यान का यह संगम न केवल ब्रह्मा बाबा की शिक्षाओं को जीवंत करेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए आध्यात्मिक सशक्तिकरण का नया मार्ग भी प्रशस्त करेगा। जैसे-जैसे दिन चढ़ेगा, डायमंड हॉल में गूंजने वाले शांति के स्वर समूचे विश्व को एकता के सूत्र में पिरोने का कार्य करेंगे, जिससे यह पुण्यतिथि इतिहास के पन्नों में शांति के एक नए अध्याय के रूप में दर्ज हो जाएगी।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
