19 अगस्त 2026 को माउंट आबू की नक्की झील स्थित गांधी वाटिका में हुई फायरिंग की घटना के मुख्य सूत्रधार और 10 हजार रुपये के इनामी अपराधी राहुल को पुलिस ने एक सप्ताह के भीतर गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर पूरे मामले का पटाक्षेप किया है। आरोपी राहुल ने ही वारदात की योजना बनाई थी और आरोपी रक्षक को देशी पिस्टल व कारतूस उपलब्ध कराकर फायरिंग का टारगेट बताया था।

जिला पुलिस अधीक्षक सिरोही पुष्पेन्द्र सिंह राठौड़ ने गांधी वाटिका, नक्की झील, आबू पर्वत पर 19 अगस्त 2026 को हुई फायरिंग की घटना की लगातार मॉनिटरिंग करते हुए त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई के लिए विशेष निर्देश जारी किए थे। इन निर्देशों पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिरोही नरेंद्र कुमार एवं पुलिस उप अधीक्षक आबू पर्वत जितेन्द्र सिंह के सुपरविजन में पुलिस निरीक्षक एवं थानाधिकारी पुलिस थाना आबू पर्वत दलपत सिंह राठौड़ के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने कार्रवाई की।

पुलिस के अनुसार घटना के मुख्य सूत्रधार शातिर अपराधी राहुल पुत्र अशोक जाति वाल्मीकि, उम्र 30 वर्ष, निवासी गुजरात सर्किट हाउस के पीछे, आबू पर्वत को गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश में छिपकर बैठे होने की सूचना मिली। पुलिस ने उसे एक सप्ताह के भीतर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की गिरफ्तारी पर जिला पुलिस अधीक्षक सिरोही ने घटना के बाद 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।

घटना 19 अगस्त 2026 को करीब 3:15 बजे की है। नक्की झील स्थित गांधी वाटिका में एक व्यक्ति द्वारा फायरिंग किए जाने की सूचना प्राप्त हुई थी। इस पर कस्बा आबू पर्वत में गश्त कर रहे थानाधिकारी आबू पर्वत मय जाप्ता मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी लेकर घटनास्थल को सुरक्षित किया। इसके बाद ग्लोबल अस्पताल पहुंचकर पीड़ित मनोज पुत्र मोहन लाल जाति भील, उम्र 36 वर्ष, निवासी सर्किट हाउस के पीछे, आबू पर्वत से घटना की जानकारी प्राप्त की।

पीड़ित के भाई सूरज ने ग्लोबल अस्पताल में एक लिखित रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट में आरोपी रक्षक पुत्र संजय जाति वाल्मीकि, निवासी गोरा छपरा, आबू पर्वत पर उसके बड़े भाई मनोज को गोली मारने का आरोप लगाया गया। इस पर पुलिस थाना आबू पर्वत में मुकदमा संख्या 96, दिनांक 19 अगस्त 2026 को धारा 109(1) बीएनएस एवं 3/25, 27 आर्म्स एक्ट में दर्ज किया गया। मामले की जांच पुलिस निरीक्षक एवं थानाधिकारी आबू पर्वत दलपत सिंह राठौड़ ने शुरू की।

पुलिस कार्रवाई के दौरान घटना के 24 घंटे के भीतर आरोपी रक्षक को गिरफ्तार कर लिया गया। घटना में प्रयुक्त हथियार देशी पिस्टल आरोपी रक्षक की निशानदेही से बरामद की गई। वहीं घटना के दौरान मौके पर सहयोगी आरोपी लोकेश को भी पूर्व में गिरफ्तार किया जा चुका था।

पुलिस जांच में सामने आया कि पूरी वारदात की योजना शातिर अपराधी राहुल पुत्र अशोक जाति वाल्मीकि, उम्र 30 वर्ष, निवासी गुजरात सर्किट हाउस के पीछे, आबू पर्वत ने बनाई थी। राहुल कुछ माह पूर्व ही जेल से जमानत पर रिहा हुआ था और जमानत के बाद से ही सकूनत से फरार था।

आरोपी राहुल ने मार्च 2026 में आबू पर्वत स्थित नक्की लेक पर बोट हाउस में काम करने वाले एक व्यक्ति से रंगदारी मांगी थी। बोट हाउस पर काम करने वाले उक्त व्यक्ति ने आरोपी राहुल के खिलाफ पुलिस थाना आबू पर्वत में रिपोर्ट दी थी। इस पर मुकदमा संख्या 30, दिनांक 11 मार्च 2026 को धारा 308(5) बीएनएस में दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी राहुल को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा था तथा उसके विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में पेश की गई थी। उक्त मुकदमे में आरोपी राहुल कुछ माह पूर्व जमानत पर रिहा हुआ था और जमानत पर छूटने के बाद से अपनी उपस्थिति को छुपाते हुए फरार था।

पुलिस के अनुसार आरोपी राहुल ने बोट हाउस पर काम करने वाले व्यक्ति से रंजिश रखते हुए आरोपी रक्षक पुत्र संजय जाति वाल्मीकि, निवासी गोरा छपरा, आबू पर्वत को एक पिस्टल व कारतूस देकर बोट हाउस पर काम करने वाले व्यक्ति पर फायर करने का टारगेट दिया था। चूंकि आरोपी रक्षक उस व्यक्ति को स्पष्ट तौर पर नहीं पहचानता था, इसलिए आरोपी राहुल ने इस योजना में आरोपी लोकेश पुत्र शांतिलाल जाति मीणा, निवासी धमाणी, देलवाड़ा को भी शामिल किया। लोकेश को यह टारगेट दिया गया कि वह रक्षक को उक्त व्यक्ति की पहचान करवाएगा।

इसी योजना के तहत 19 अगस्त 2026 को नक्की झील, आबू पर्वत स्थित गांधी वाटिका में, जहां उक्त व्यक्ति बोट हाउस पर काम करता है, आरोपी रक्षक को लोकेश ने एक व्यक्ति की तरफ इशारा कर बताया कि यही वह व्यक्ति है। इसके बाद रक्षक ने राहुल द्वारा उपलब्ध कराई गई देशी पिस्टल व कारतूस से उस व्यक्ति पर एक फायर कर दिया। गोली उस व्यक्ति के पीछे कमर के निचले हिस्से में लगी। हालांकि आरोपी लोकेश ने बोट हाउस पर काम करने वाले व्यक्ति के भ्रम में मुकदमा हाजा के पीड़ित मनोज राणा की तरफ इशारा कर आरोपी रक्षक को बताया था कि यही वह व्यक्ति है।

घटना के बाद से ही पूरी वारदात का मुख्य सूत्रधार शातिर अपराधी राहुल अलग-अलग स्थानों पर छुपते हुए गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश चला गया। वहां से भी वह सोशल मीडिया के जरिए आबू पर्वत के दो लोगों को धमकियां दे रहा था। शातिर आरोपी राहुल मोबाइल सिम का उपयोग नहीं करते हुए सोशल मीडिया पर दो लोगों को धमकियां दे रहा था। पुलिस ने उच्चाधिकारियों के उत्कृष्ट सुपरविजन में अपने बेजोड़ मुखबिरी तंत्र का बेहतर उपयोग करते हुए नवीन सूचना-तकनीकी माध्यमों का लगातार सहयोग लिया और इस शातिर आरोपी को गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश से धर दबोचा।

गिरफ्तार आरोपी राहुल पुत्र अशोक जाति वाल्मीकि, उम्र 30 वर्ष, निवासी गुजरात सर्किट हाउस के पीछे, आबू पर्वत, पुलिस थाना आबू पर्वत, जिला सिरोही है। पुलिस द्वारा आरोपी से गहनता से अनुसंधान किया जा रहा है।

इस कार्रवाई में पुलिस टीम का नेतृत्व पुलिस निरीक्षक एवं थानाधिकारी पुलिस थाना आबू पर्वत दलपत सिंह राठौड़ ने किया। टीम में श्री अभय सिंह एएसआई, पुलिस थाना आबू पर्वत; श्री किशन लाल एएसआई, पुलिस थाना आबू पर्वत; श्री भवानी सिंह एएसआई, साइबर सेल सिरोही; श्री चन्द्र सिंह हेड कांस्टेबल नंबर 169, पुलिस थाना आबू पर्वत; श्री आदर्श कांस्टेबल नंबर 299, पुलिस थाना आबू पर्वत; श्री रमेश कुमार कांस्टेबल नंबर 773, साइबर सेल सिरोही, विशेष योगदान; श्री बाबू सिंह राणावत कांस्टेबल नंबर 330, पुलिस थाना आबू पर्वत; श्री युवराज सिंह कांस्टेबल नंबर 924, पुलिस थाना आबू पर्वत; श्री सुरेश कुमार कांस्टेबल नंबर 460, साइबर सेल सिरोही तथा श्री नरेंद्र कुमार कांस्टेबल नंबर 974, साइबर सेल सिरोही शामिल रहे। पुलिस की इस कार्रवाई से 19 अगस्त की फायरिंग वारदात के पीछे की साजिश और उसके मुख्य सूत्रधार तक पहुंचने में सफलता मिली।

Sunil Acharya, Mount Abu

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सुनिल आचार्य माउंट आबू से जुड़े प्रमुख रिपोर्टर हैं, जो स्थानीय और राष्ट्रीय समाचारों की विश्वसनीय और सटीक कवरेज के लिए जाने जाते हैं। उनकी पत्रकारिता में तथ्यपरक रिपोर्टिंग और घटनाओं की गहन समीक्षा का विशेष योगदान है। सुनिल आचार्य हर खबर को निष्पक्ष दृष्टिकोण से प्रस्तुत करते हैं और पाठकों तक सही जानकारी पहुँचाने का पूरा प्रयास करते हैं। उनका लेखन शैली सरल, स्पष्ट और प्रभावशाली है, जो पाठकों को समाचार के हर पहलू से अवगत कराता है।

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