आबू राज आरना गांव में विराजित श्री हनुमान जी महाराज का मेला धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मेले में राजपूत समाज के 16 गांवों के लोगों ने एकत्र होकर श्री हनुमानजी को धर्म ध्वजा एवं नवीन चोला अर्पित किया। धार्मिक श्रद्धा और उत्साह के वातावरण में शुद्ध घी और गुड़ का चूरमा, उबले चने तथा बूंदी प्रसाद का भोग लगाकर सभी भक्तों को प्रेमपूर्वक प्रसाद वितरित किया गया।

मेले के दौरान ग्रामीण महिलाएं और पुरुष अलग-अलग समूहों में मर्यादा पूर्वक गैर नृत्य करते हुए दिखाई दिए। धार्मिक गीतों, फाग गीतों और ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच श्रद्धालु भक्ति में झूमते हुए नृत्य करते रहे, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव का वातावरण बना रहा।

इस अवसर पर भारत रक्षा मंच के जिला अध्यक्ष श्री प्रकाश चौहान ने हाल ही में हुई घटनाओं पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि होली और रमजान के त्योहार के दौरान गुब्बारे के रंग के छींटे लगने के विवाद में सनातन विरोधी जिहादियों द्वारा निर्दोष तरुण कुमार की हत्या की घटना अत्यंत दुखद है। इसी प्रकार आबू राज में दो गुटों के बीच मामूली विवाद के दौरान अजय राणा की निर्मम हत्या और अन्य लोगों के घायल होने की घटना भी समाज के लिए चिंताजनक है।

उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए समाज के सभी जाति और धर्म के लोगों को एकजुट होकर रहने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि सभी देवी-देवता अपने शस्त्रों का प्रयोग दिव्य गुण वाले पुरुषों, धर्म और सभ्यता संस्कृति की रक्षा तथा दुष्टों के नाश के लिए करते थे। किसी भी निर्दोष व्यक्ति, अबला नारी या दीन-दुखी पर घातक प्रहार नहीं करना चाहिए और शस्त्र का प्रयोग केवल अचानक हुए हमले या आत्मरक्षा के लिए ही किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पूरा विश्व विनाश के कगार पर खड़ा है और कभी भी विश्व युद्ध की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसे हालात में सभी धर्मों के लोगों को मिलजुल कर शांतिपूर्वक रहना ही सबका साथ, सबका विकास और सबकी भलाई का मार्ग है। उन्होंने विशेष रूप से छोटे बच्चों और बालिकाओं की सुरक्षा पर बल देते हुए कहा कि स्कूल के शिक्षक और माता-पिता अपने बच्चों को अजनबियों के साथ नहीं जाने दें और किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा दी गई वस्तु खाने से भी रोकें।

इसके साथ ही उन्होंने अन्य धर्म के लोगों के साथ प्रेम जाल और लव जिहाद में फंसकर अपनी इज्जत और जान दोनों बचाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान आबू राज संत सेवा मंडल के महंत निरंजन गिरिजी महाराज तथा समस्त राजपूत समाज और अन्य समाजों को संयुक्त रूप से माउंट आबू का असली नाम आबू राज का पुनः संवैधानिक रूप से नामकरण कराने पर हार्दिक बधाई दी गई।

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अभी भी आकाशवाणी, सरकारी कागजों, दुकानों के नाम बोर्डों और आम लोगों की जुबान पर माउंट आबू नाम ही अधिक सुनाई देता है। उन्होंने अनुरोध किया कि जब भी नए बोर्ड बनाए जाएं, कार्ड और लेटर पैड छपवाए जाएं या बोलचाल में नाम लिया जाए तो आबू राज नाम का ही प्रयोग किया जाए।

कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से “आबू राज की जय”, “धर्म की जय”, “गौ माता की जय” और “भारत माता की जय” के जयकारों के साथ वातावरण को गुंजायमान कर दिया।

Sunil Acharya, Mount Abu

Sunil Acharya, Mount Abu

सुनिल आचार्य माउंट आबू से जुड़े प्रमुख रिपोर्टर हैं, जो स्थानीय और राष्ट्रीय समाचारों की विश्वसनीय और सटीक कवरेज के लिए जाने जाते हैं। उनकी पत्रकारिता में तथ्यपरक रिपोर्टिंग और घटनाओं की गहन समीक्षा का विशेष योगदान है। सुनिल आचार्य हर खबर को निष्पक्ष दृष्टिकोण से प्रस्तुत करते हैं और पाठकों तक सही जानकारी पहुँचाने का पूरा प्रयास करते हैं। उनका लेखन शैली सरल, स्पष्ट और प्रभावशाली है, जो पाठकों को समाचार के हर पहलू से अवगत कराता है।

Next Story