कोटा, 22 अगस्त 2026। भारतीय रेलवे की स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ को अधिक प्रभावी और देशभर में तेजी से लागू करने की दिशा में पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल में यूनिवर्सल ब्रेकिंग एल्गोरिथम (यूबीए) की यूनिफॉर्म ब्रेकिंग प्रणाली का ट्रायल किया गया। पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक श्री दिलीप कुमार सिंह ने रामगंजमंडी–रावठा रोड स्टेशन सेक्शन में मालगाड़ी के साथ हुए इस परीक्षण का निरीक्षण किया और इसकी कार्यप्रणाली एवं प्रदर्शन की जानकारी ली।

यह परीक्षण कवच के विभिन्न निर्माताओं के उपकरणों में ब्रेकिंग प्रणाली की एकरूपता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। परीक्षण के दौरान यूबीए आधारित ब्रेकिंग प्रणाली का निर्धारित तकनीकी एवं सुरक्षा मानकों के अनुरूप प्रदर्शन देखा गया।

इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक, कोटा श्री अनिल कुमार कालरा, मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार अभियंता/प्रोजेक्ट/कोटा श्री सचिन शुक्ला, अपर मंडल रेल प्रबंधक श्री योगेश कुमार मित्तल, वरिष्ठ मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार अभियंता श्री राहुल जरेडा सहित मंडल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

कवच भारतीय रेलवे की स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली (Automatic Train Protection System) है। यह ट्रेन की गति और परिचालन परिस्थितियों पर लगातार निगरानी रखती है तथा आवश्यकता होने पर लोको पायलट को सुरक्षा सहायता प्रदान करते हुए निर्धारित परिस्थितियों में स्वचालित ब्रेकिंग में सहायता करती है। इससे ट्रेन को सुरक्षित गति सीमा में नियंत्रित करने में मदद मिलती है।

कवच के देशभर में विभिन्न अधिकृत निर्माताओं द्वारा उपकरण विकसित किए जा रहे हैं। अलग-अलग निर्माताओं के उपकरणों में ब्रेकिंग लॉजिक में अंतर होने के कारण प्रत्येक नई व्यवस्था के लिए अलग-अलग परिस्थितियों में विस्तृत परीक्षण की आवश्यकता पड़ती थी। इससे कवच के क्रियान्वयन में अतिरिक्त समय लग सकता था।

इसी चुनौती को दूर करने के लिए भारतीय रेल संकेत एवं दूरसंचार अभियांत्रिकी संस्थान (IRISET), हैदराबाद द्वारा यूनिवर्सल ब्रेकिंग एल्गोरिथम (UBA) विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य अलग-अलग कवच निर्माताओं के उपकरणों में एक समान और मानकीकृत ब्रेकिंग कर्व सुनिश्चित करना है। इससे विभिन्न निर्माताओं की कवच प्रणालियों के बीच बेहतर अंतरसंचालनीयता (Interoperability) स्थापित करने में मदद मिलेगी।

यूबीए के सफल परीक्षण और महाप्रबंधक द्वारा इसके निरीक्षण से कवच के मानकीकरण, विभिन्न निर्माताओं के उपकरणों के बीच एकरूपता तथा देशभर में कवच के तेज क्रियान्वयन को महत्वपूर्ण तकनीकी आधार मिलने की उम्मीद है। यह भारतीय रेलवे में आधुनिक स्वदेशी तकनीक के माध्यम से सुरक्षित, विश्वसनीय और अधिक प्रभावी ट्रेन संचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Pratahkal Newsroom

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