रणथम्भौर रोड स्थित उच्च माध्यमिक आदर्श विद्या मन्दिर, विवेकानंदपुरम् सवाई माधोपुर में विद्या भारती राजस्थान की ओर से आयोजित “जयदेव पाठक जन सेवा न्यास” व्याख्यानमाला का शुभारम्भ 5 सितम्बर 2026, शनिवार को सायं 4:00 बजे हुआ। कार्यक्रम का शुभारम्भ मंचासीन पदाधिकारियों के कर कमलों द्वारा मॉं सरस्वती एवं मॉं भारती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित एवं पुष्पार्चन से किया गया। इसके बाद मॉं सरस्वती की वन्दना व आराधना की गयी। मंचस्थ पदाधिकारियों का परिचय एवं स्वागत जिला व्यवस्थापक एवं कार्यक्रम संयोजक राजेश कुमार गुप्ता ने तिलकार्चन, दुपट्टा ओढ़ाकर तथा स्मृति चिह्न भेंट कर किया।

विद्या भारती राजस्थान के संगठन मंत्री गोविन्द कुमार ने कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए जयदेव पाठक जी के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वन्दे मातरम् की 150वीं जयन्ती के उपलक्ष्य में 25 सितम्बर 2026 को प्रातः 11 बजे पूरे भारत में एक साथ वन्दे मातरम् का गायन होगा। जिला प्रचार-प्रसार प्रमुख महेन्द्र कुमार जैन ने बताया कि आचार्य पुरुषोत्तम द्वारा काव्य गीत प्रस्तुत किया गया।

इसके बाद अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (ABRSM) के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. नारायण लाल गुप्ता ने “वन्दे मातरम् के 150 वर्ष एवं वर्तमान प्रासंगिकता” विषय पर उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शताब्दी वर्ष मनाया जा रहा है। वर्तमान समय की परिस्थितियों में अति आवश्यक पंच परिवर्तन को लेकर संघ समाज के समक्ष उपस्थित है। पंच परिवर्तन के विषय समाज के उत्थान हेतु सदैव प्रासंगिक रहने वाले विषय हैं और इसी के साथ वन्दे मातरम् अपने 150वीं जयन्ती वर्ष में चल रहा है।

प्रोफेसर डॉ. नारायण लाल गुप्ता ने कहा कि वन्दे मातरम् सामान्य गीत नहीं, अपितु 150 वर्षों की भारत की संघर्ष यात्रा और करोड़ों भारतीयों के बलिदान और त्याग के उस पवित्र भाव को अपने में समाहित करता हुआ कोटि-कोटि कण्ठ से उच्चारित होने वाला इस पुण्य भूमि भारत का मूल मन्त्र है। इसके प्रति हमारी क्या भूमिका होनी चाहिये, इस ओर ध्यान देने की महती आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हम भारत के नागरिक होने की जिम्मेदारी निभाते हुए इसके महत्त्व को समझें और इसके अर्थ को जानें। इसकी भाषा संस्कृत एवं बांग्ला मिश्रित है, जो सामान्य तौर पर समझ में आ जाती है। हम विभिन्न विचार मंचों, सोशल मीडिया तथा विभिन्न चर्चा और बौद्धिक सत्रों के माध्यम से इसके प्रति जागृति फैलाने का कार्य कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय जन जागरण का समय है। हम अपने तथ्यों को पुष्ट एवं परिष्कृत करते हुए अपनी आने वाली पीढ़ी को भारतमाता के आन्तरिक सौंदर्य से पूर्ण इस पुण्य गीत को समर्पित करें और उन्हें भी इसके प्रति श्रद्धावान बनाएं।

अखिल भारतीय सह प्रशिक्षण संयोजक राममनोहर शर्मा ने राजस्थान क्षेत्र के श्रेष्ठ प्रधानाचार्य सुनीता पारीक, गोविन्द नारायण, गिरिराज प्रसाद, करणसिंह, लक्ष्मी चौधरी, रेखा प्रजापति, कुलदीप सिंह, पवन कुमार, गजेन्द्रपाल तथा आचार्य हितेश, जटाशंकर, बलराम, कालूराम, सोहनलाल, दिनेश कुमार, ममता सोनी, कैलाशचंद, कमलेश मेहर के नाम की घोषणा की। इनका तिलकार्चन, दुपट्टा ओढ़ाकर, स्मृति चिह्न एवं नकद राशि पुरस्कार स्वरूप प्रदान कर सम्मान किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजेश कुमार मीणा (पूर्व मुख्य सचिव, महाराष्ट्र सरकार) ने कहा कि विद्या भारती एक राष्ट्रीय शैक्षिक संगठन है, जो भारतीय जीवन मूल्यों पर आधारित ज्ञान, संस्कार और संस्कृति का समन्वय करने वाली शिक्षा व्यवस्था को विकसित करता है। विद्या भारती की शैक्षिक प्रक्रिया में नैतिकता, सदाचार, संस्कार, अनुशासन तथा भारतीय संस्कृति के समुचित समावेश का सतत् प्रयास किया जाता है। यहां शिक्षण को मात्र बौद्धिक उन्नति तक सीमित न रखते हुए जीवन मूल्यों से युक्त किया गया है, जिसमें विद्यार्थी सामाजिक दायित्वों के प्रति सजग, कर्त्तव्यनिष्ठ एवं राष्ट्रनिष्ठ नागरिक बन सकें।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि श्रीराम अरावकर (अखिल भारतीय सह संगठन मंत्री, विद्या भारती) ने कहा कि वैश्वीकरण के दौर में भारतीय संस्कृति और मूल्यों की चुनौती का उत्तर देते हुए विद्या भारती भारतीय जीवन दृष्टि को शिक्षा के माध्यम से सुरक्षित और प्रासंगिक बना रही है। भारतीय ज्ञान परम्परा, योग, नैतिकता, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना को आधुनिक शिक्षा से जोड़ना विद्या भारती की महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है।

सप्तक संस्था अजयमेरू की संरक्षक प्रभा शर्मा द्वारा हिन्दी भाषा प्रोत्साहन हेतु बोर्ड परीक्षा में हिन्दी विषय में शत प्रतिशत अंक अर्जित करने वाले भैया-बहिनों को पुरस्कृत किया गया। राधेश्याम शर्मा (पूर्व क्षेत्रीय मंत्री) ने सभी आगन्तुक महानुभावों एवं सम्मानित प्रतिभाओं का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन जोधपुर प्रान्त निरीक्षक भगवतदान ने किया। कार्यक्रम का समापन वन्दे मातरम् गायन के साथ हुआ।

इस दौरान अखिल भारतीय राष्ट्रीय मंत्री शिवप्रसाद, प्रान्त मंत्री बृजमोहन वर्मा, चित्तौड़ प्रान्त सचिव मानेंगे पटेल, जोधपुर प्रान्त सचिव गंगा विष्णु, जयपुर प्रान्त निरीक्षक अरुण दुबे, जोधपुर प्रान्त संगठन मंत्री रवि कुमार, बालिका शिक्षा की प्रमुख प्रमिला दीदी, चित्तौड़ प्रान्त निरीक्षक नवीन झा, गोपाल पारीक, मिश्रीलाल प्रजापति, प्रान्त उपाध्यक्ष राजेन्द्र कुमार शर्मा, प्रान्त मंत्री कानसिंह सोलंकी, शंकरलाल सैनी, जगदीश प्रसाद शर्मा, राजकुमार बंसल, राममोहन गर्ग, जिला संघचालक गोविन्द शर्मा, विभाग प्रचारक दीपक कुमार, जिला उपाध्यक्ष मनमोहन दाधीच, गजेन्द्र पाल जादौन, जिला कोषाध्यक्ष दिनेश जैन, घनश्याम शर्मा, जिला सचिव दामोदर शर्मा, महेन्द्र वर्मा, संकुल प्रमुख महेन्द्र जैन, विद्यालय अध्यक्ष ओमप्रकाश अग्रवाल, व्यवस्थापक सुमन गुप्ता, कैलाश गुप्ता, कोषाध्यक्ष रामावतार गर्ग, हरेकृष्ण शर्मा, विजय प्रजापत, ललित शर्मा, हंसराज वैष्णव आदि उपस्थित रहें।a

Harak Chand Jain, Sawai Maadhopur

Harak Chand Jain, Sawai Maadhopur

नाम: हरक चंद जैन

वर्तमान पद: रिपोर्टर

कार्यक्षेत्र: सवाई माधोपुर (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जनहित के मुद्दे और स्थानीय समाचार (सवाई माधोपुर)

परिचय

हरक चंद जैन राजस्थान के सवाई माधोपुर क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से सवाई माधोपुर जिले के स्थानीय समाचारों और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

हरक चंद जैन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में 45 वर्षों का लंबा और व्यापक अनुभव है। अपने इस दीर्घकालिक करियर के दौरान वह कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों से जुड़े रहे हैं:

  • दैनिक प्रातःकाल: पिछले 6 वर्षों से लगातार 'दैनिक प्रातःकाल' के साथ जुड़कर कार्यरत हैं।
  • अन्य समाचार पत्र: इसके पूर्व उन्होंने धर्म दिवाकर, देश की धरती, जननायक, नवज्योति, नवभारत टाइम्स और महका भारत जैसे विभिन्न समाचार पत्रों के लिए पत्रकारिता की है।

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