सवाई माधोपुर, 3 नवंबर।

भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जन्म जयंती के उपलक्ष्य में जनजाति कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार पूरे देशभर में चल रहे जनजातीय गौरव वर्ष के तहत सवाई माधोपुर जिले में 1 से 15 नवंबर 2025 तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस श्रृंखला की रूपरेखा तय करने हेतु सोमवार को जिला कलक्टर काना राम की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

जिला कलक्टर ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा न केवल आदिवासी समाज के गौरव हैं, बल्कि उन्होंने देश के स्वतंत्रता संग्राम में भी अद्वितीय भूमिका निभाई। प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के बाद हुए प्रसिद्ध आदिवासी आंदोलन में उनके नेतृत्व ने स्वाभिमान और संघर्ष की नई परंपरा स्थापित की। भारत सरकार ने उनके योगदान के सम्मान में 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में घोषित किया है, जो देश के इतिहास में आदिवासी वीरों के बलिदान की याद दिलाता है।

जनजाति कार्य मंत्रालय द्वारा घोषित जनजातीय गौरव वर्ष 15 नवंबर 2024 से 15 नवंबर 2025 तक मनाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत सवाई माधोपुर में 1 से 15 नवंबर तक विभागवार कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। निर्धारित कार्यक्रमों के अनुसार 4 नवंबर को उच्च शिक्षा विभाग द्वारा महाविद्यालयों में भगवान बिरसा मुंडा पर भाषण, निबंध और चित्रकला प्रतियोगिताएं होंगी। 6 से 11 नवंबर तक जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग द्वारा टीआरआई की ओर से काष्ठ कला विषयक छह दिवसीय कार्यशाला आयोजित की जाएगी। कृषि विभाग 7 नवंबर को कृषक संगोष्ठी एवं भगवान बिरसा मुंडा के जीवन पर परिचर्चा करेगा।

8 नवंबर को ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग द्वारा राजीविका के माध्यम से वनधन विकास केंद्रों पर जनजागरण कार्यक्रम और स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जाएगा। 9 नवंबर को टीएडी विभाग द्वारा आवासीय विद्यालयों और आश्रम छात्रावासों में भाषण, निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिताएं होंगी। 10 नवंबर को मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर में उच्च शिक्षा विभाग के सहयोग से “भारतीय ज्ञान परंपरा में प्रकृति” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की जाएगी।

महिला एवं बाल विकास विभाग 11 नवंबर को आंगनबाड़ी केंद्रों पर विशेष स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित करेगा, जबकि 12 नवंबर को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ब्लॉक स्तर पर स्वास्थ्य जागरूकता और चिकित्सा शिविरों का संचालन करेगा। 13 नवंबर को नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग जिले के प्रमुख चौराहों, पार्कों और सड़कों का नाम भगवान बिरसा मुंडा और अन्य जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर रखेगा तथा तीन दिन तक विशेष रोशनी की जाएगी।

14 नवंबर को जिला प्रशासन के निर्देशन में सिनेमाघरों में जनजातीय महापुरुषों और संतों से जुड़ी डॉक्यूमेंट्री फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। इसी के साथ डीआईपीआर के सहयोग से दो दिवसीय विकास प्रदर्शनी भी आयोजित होगी। 15 नवंबर को समापन दिवस पर ग्राम पंचायत, ब्लॉक एवं जिला स्तर पर विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें ग्राम सभाएं, सेवा शिविरों में अवशेष पट्टों का वितरण और राष्ट्रीय स्तरीय समारोह का सीधा प्रसारण शामिल होगा।

कलक्टर काना राम ने कहा कि जनजातीय गौरव वर्ष न केवल इतिहास को याद करने का अवसर है, बल्कि यह समाज के वंचित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने का एक सशक्त अभियान भी है। उन्होंने सभी विभागों से अपेक्षा की कि वे कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित करें ताकि अधिक से अधिक जनजातीय परिवार इन योजनाओं से लाभान्वित हो सकें।

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Pratahkal Bureau

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