सवाई माधोपुर, 4 नवंबर। स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा और राष्ट्रीय चेतना के प्रतीक ‘वंदे मातरम्’ की गूंज अब फिर एक बार पूरे प्रदेश में गूंजने जा रही है। राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में राजस्थान में 7 नवंबर से वंदे मातरम्@150 उत्सव का शुभारंभ होगा। यह आयोजन न केवल एक सांस्कृतिक पर्व होगा, बल्कि स्वदेशी भावना, राष्ट्रीय एकता और जनभागीदारी का महाअभियान भी बनेगा। राज्य से लेकर ग्राम पंचायत तक यह आयोजन देशभक्ति की भावना को नई ऊंचाई देगा।

जिला कलेक्टर काना राम की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई वीडियो कॉन्फ्रेंस बैठक में वंदे मातरम्@150 के अंतर्गत होने वाले आयोजनों की रूपरेखा तय की गई। उन्होंने बताया कि राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम 7 नवंबर को जयपुर के एस.एम.एस. स्टेडियम में आयोजित होगा। इसी दिन अजमेर, बीकानेर, उदयपुर, भरतपुर, कोटा, जोधपुर, सीकर, भीलवाड़ा और अलवर सहित अन्य जिला मुख्यालयों पर भी सामूहिक आयोजन होंगे।

मुख्य कार्यक्रमों के बाद 8 और 9 नवंबर को शेष 31 जिलों में प्रभारी मंत्रियों की उपस्थिति में प्रभात फेरियां, रन अथवा बाइक रैलियां निकाली जाएंगी। शहीद स्मारकों पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम, विद्यालयों में राष्ट्रगीत व राष्ट्रगान का सामूहिक गायन, निबंध लेखन, चित्रकला और रंगोली प्रतियोगिताएं तथा एनएसएस द्वारा स्वच्छता अभियान और रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे। स्वतंत्रता सेनानियों और उनके परिजनों को सम्मानित किया जाएगा, वहीं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से ‘वंदे मातरम्’ की ऐतिहासिक गाथा और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया जाएगा।

इसके साथ ही एलईडी स्क्रीन, होर्डिंग्स और प्रदर्शनियों के माध्यम से ‘वंदे मातरम्’ की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और स्वतंत्रता संग्राम में उसकी भूमिका को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। सोशल मीडिया पर भी #VandeMataram अभियान चलाकर युवाओं और आम नागरिकों को जोड़ा जाएगा।

राज्य और जिला स्तर के साथ ब्लॉक व ग्राम पंचायत स्तर पर भी व्यापक स्तर पर आयोजन होंगे। “एक स्थान, एक समय, एक गीत—वंदे मातरम्” की थीम पर सामूहिक गायन के साथ देशभक्ति की लहर फैलाने की तैयारी है। विद्यार्थियों, सामाजिक संस्थाओं और नागरिकों की भागीदारी से यह अभियान जन आंदोलन का रूप लेगा।

कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत 10 नवंबर को सभी सरकारी कार्यालयों में वंदे मातरम्@150 और स्वदेशी संकल्प का आयोजन होगा। इसके बाद क्रमशः 11 नवंबर को नगर निकायों में, 12 को पंचायत राज संस्थानों में, 13 को विद्यालयों और छात्रावासों में, 14 को उच्च शिक्षा संस्थानों में तथा 15 नवंबर को अस्पतालों और पुलिस थानों में यह कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वहीं 7 से 26 नवंबर (संविधान दिवस) तक सभी शिक्षण संस्थानों में ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक वाचन होगा।

जिला कलेक्टर ने कहा कि यह अभियान राष्ट्रप्रेम की उस भावना को पुनर्जीवित करेगा, जिसने कभी भारत को स्वतंत्रता के मार्ग पर अग्रसर किया था। बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर संजय शर्मा, उपखंड अधिकारी गौरव मित्तल, एसीईओ डॉ. सरोज बैरवा तथा सभी उपखंड अधिकारियों सहित संबंधित अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उपस्थित रहे।

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Pratahkal Bureau

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