यूजीसी कानून के विरोध में गंगापुर सिटी में सर्वण महापंचायत और मशाल जुलूस
पुरानी अनाज मंडी में जुटी हजारों की भीड़, करणी सेना अध्यक्ष महिपाल मकराना सहित कई नेताओं ने केंद्र सरकार को दी चेतावनी और राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन।

गंगापुर सिटी की पुरानी अनाज मंडी में आयोजित सर्वण महापंचायत के बाद मुख्य बाजारों से मिनी सचिवालय तक केंद्र सरकार के खिलाफ मशाल जुलूस निकालते समाज के लोग।
गंगापुर सिटी में यूजीसी कानून के खिलाफ पुरानी अनाज मंडी मेला ग्राउंड में रविवार को आयोजित सर्वण महापंचायत में हजारों की संख्या में उपस्थिति दर्ज कराते हुए सर्वणों ने तीखा विरोध दर्ज करवाया। सभा के अंत में हजारों हाथों में मशाल लेकर समाज के बंधु, महिलाएं और युवा "यूजीसी कानून वापस लो" और "केंद्र सरकार होश में आओ" के नारे लगाते हुए मुख्य बाजारों से होते हुए मिनी सचिवालय पहुंचे, जहाँ प्रशासनिक अधिकारी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
महापंचायत में उमड़ा जनसैलाब और दिग्गज नेताओं का संबोधन
इस महापंचायत सभा को करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल मकराना, युवा अग्रवाल सम्मेलन के अध्यक्ष हेमराज जिंदल, परशुराम सेवा प्रमुख दिनेश राणेजा, सुनील उदेईया, विप्रो फाउंडेशन की महिला प्रदेश अध्यक्ष डॉ. शैल शास्त्री, अग्रवाल समाज संघ जिलाध्यक्ष गोविंद बरनाला, प्रदेश प्रवक्ता महेंद्र गर्ग, राजेंद्र सिंह नरूका, महेश पाल सिंह, रविंद्र खंडेलवाल, घनश्याम शास्त्री, व्यापारी नेता वेद प्रकाश मंगल और चंद्र प्रकाश शर्मा आदि ने संबोधित किया। लगभग 4:00 बजे से आरंभ हुई इस सभा में रात्रि 7:30 बजे तक समाज के बंधुवर और माताएं डटी रहीं।
जातिगत विभाजन और युवा शक्ति को आह्वान
करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल मकराना ने तीखे तेवर दिखाते हुए कहा कि "केंद्र सरकार द्वारा समाज को जाति के नाम पर बांटने का काम किया जा रहा है, हम कलम उठाना जानते हैं तो लट उठाना भी जानते हैं।" उन्होंने युवा पीढ़ी को अपनी शक्ति पहचानने और एकता के साथ इस कानून के विरोध में पुरजोर तरीके से खिलाफत करने का आह्वान किया। मकराना ने सभा में उपस्थित हजारों लोगों से मोबाइल की फ्लैश लाइट जलवाकर हुंकार भरी और 8 मार्च को दिल्ली में होने वाली विशाल आमसभा में ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचने का आह्वान किया।
वोट की चोट और राजनीतिक बहिष्कार की चेतावनी
हेमराज जिंदल ने कहा कि "यूजीसी कानून से केंद्र सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है, यह काला कानून बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, यदि इसे शीघ्र वापस नहीं लिया तो सर्वण समाज वोट की चोट के साथ इसका जवाब देगा।" परशुराम सेवा प्रमुख दिनेश राणेजा ने चेतावनी दी कि सर्वणों के वोटो से आज यह चार सीट से 400 पर बैठे हैं, अगर सर्वणों ने अपना हाथ पीछे कर लिया तो ये जीरो पर आ जाएंगे। संस्थापक सुनील उदेईया ने समाज के नेताओं पर आक्रोश जताते हुए कहा कि "राजनीति की मलाई खाने वाले नेता समाज के मंच पर नजर नहीं आ रहे, किसी भी सामान्य वर्ग के सांसद विधायक ने आवाज नहीं उठाई, ऐसे नेताओं का बहिष्कार होना चाहिए।"
भविष्य पर संकट और कानून की विसंगतियां
अनिल मिश्रा एडवोकेट ने तकनीकी पक्ष रखते हुए कहा कि "यूजीसी कानून जाति समुदाय के आधार पर कॉलेज यूनिवर्सिटी के लिए लाया गया है, जिसमें सामान्य वर्ग के बच्चों के खिलाफ शिकायत होने पर उनका भविष्य खराब किया जा सकता है।" जिला अध्यक्ष गोविंद बरनाला ने स्पष्ट किया कि सर्वण समाज अब एकजुट हो चुका है और कानून वापस नहीं लिया गया तो इसके परिणाम केंद्र सरकार को भुगतने होंगे। व्यापारी नेता वेद प्रकाश मंगल ने इसे बच्चों के भविष्य को असुरक्षित करने वाला बताया, वहीं अंजू शर्मा और डॉ. शैल शास्त्री ने यूजीसी कानून की विसंगतियों के बारे में विस्तार से बताया। सभा का मंच संचालन राष्ट्रीय कवि गोपीनाथ चर्चित द्वारा किया गया।

Pratahkal Bureau
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