सवाई माधोपुर। 30 दिसम्बर 2025 को रणथम्भौर दुर्ग में बाघ की उपस्थिति ने फिर से हड़कंप मचा दिया है। यह वही बाघ है जिसने वर्ष 2025 में एक बच्चे, जैन मन्दिर के माली और एक वनकर्मी को अपना शिकार बना चुका है। बाघ की इस गतिविधि के कारण वन प्रशासन ने दर्शनार्थियों की सुरक्षा के लिए गणेश मन्दिर का रास्ता वर्ष भर में 2-3 बार बंद किया था।

स्थानीय राजनेता और जिला प्रशासन के निर्देश पर दुर्ग की क्षतिग्रस्त दीवारों की मरम्मत कराई गई, जिसके लिए लाखों रुपये खर्च किए गए। इसके बावजूद आज बाघ के दुर्ग में घूमने से वनकर्मियों द्वारा किए गए सुरक्षा प्रबंधों की पोल खुल गई है।

नव वर्ष के उपलक्ष्य में रणथम्भौर दुर्ग स्थित गणेश मन्दिर पर हजारों पर्यटक आते हैं। ऐसे में बाघ का दुर्ग में रहना बेहद घातक स्थिति पैदा कर रहा है। वन प्रशासन ने चेतावनी जारी करते हुए आमजन से सुरक्षा नियमों का पालन करने को कहा है। इस घटना ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों में भय का माहौल उत्पन्न कर दिया है।

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बाघ की गतिविधियों पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है और सुरक्षा के लिए अतिरिक्त उपाय किए जा रहे हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। रणथम्भौर दुर्ग में बाघ की इस बार की उपस्थिति ने सुरक्षा के मौजूदा प्रबंधों की गंभीरता को उजागर कर दिया है और यह दर्शाता है कि पर्यटक एवं स्थानीय लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि है।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story