भरतपुर/हिंडौन। राजस्थान की कृषि क्रांति में 'श्री अन्न' (मिलेट्स) और आधुनिक नवाचार किस तरह मील का पत्थर साबित हो रहे हैं, इसकी एक जीवंत झलक आज भरतपुर में देखने को मिली। अवसर था भरतपुर में आयोजित एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का, जहाँ राजस्थान सरकार के गृह राज्य मंत्री श्री जवाहर सिंह बैडम ने कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), हिंडौन-करौली द्वारा लगाई गई भव्य कृषि एवं नवाचार आधारित प्रदर्शनी का बारीकी से निरीक्षण किया। मंत्री ने प्रदर्शनी में प्रदर्शित हर तकनीक और उत्पाद को न केवल देखा, बल्कि वैज्ञानिकों के साथ गहन संवाद कर भविष्य की खेती का खाका भी समझा।

प्रदर्शनी के दौरान गृह राज्य मंत्री श्री जवाहर सिंह बैडम ने विभिन्न स्टॉलों का भ्रमण किया, जहाँ उन्होंने उन्नत बीजों की किस्मों, अत्याधुनिक कृषि यंत्रों और पोषण वाटिका के मॉडल का अवलोकन किया। उन्होंने प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ते कदमों और कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन (Value Addition) को लेकर विशेष रुचि दिखाई। वैज्ञानिकों से चर्चा करते हुए श्री बैडम ने स्पष्ट किया कि कृषि विज्ञान केंद्र ही वह सेतु है जो प्रयोगशाला के ज्ञान को किसान के खेत तक पहुँचा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि तकनीक और वैज्ञानिक जानकारी के समन्वय से ही प्रदेश के अन्नदाता की आय को दोगुना करना संभव है।

इस प्रदर्शनी में महिला सशक्तिकरण की एक प्रेरक तस्वीर भी उभरकर सामने आई। मंत्री महोदय ने महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की सराहना करते हुए कहा कि जब गांव की महिलाएं स्वरोजगार से जुड़ती हैं, तो पूरे समाज की आर्थिक दिशा बदल जाती है। उन्होंने किसानों का आह्वान किया कि वे जल और भूमि जैसे प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ-साथ आधुनिक पद्धतियों को अपनाएं।

कार्यक्रम के तकनीकी पक्ष को साझा करते हुए कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. बच्चूसिंह मीणा ने केंद्र द्वारा संचालित वर्तमान अनुसंधान कार्यों, किसान प्रशिक्षण कार्यक्रमों और भविष्य की रणनीतिक योजनाओं की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। वहीं, केंद्र की गृह वैज्ञानिक डॉ. प्रियांशु त्रिपाठी ने 'श्री अन्न' की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बाजरा जैसे मोटे अनाज केवल भोजन नहीं, बल्कि पोषण का खजाना हैं। इस दौरान केंद्र द्वारा प्रशिक्षित उद्यमी श्रीमती ललिता गुर्जर ने बाजरे से निर्मित अपने नवाचारी उत्पादों का प्रदर्शन किया, जिसे देखकर अतिथि और आगंतुक दंग रह गए।

कार्यक्रम के समापन पर श्री बैडम ने इसे एक सफल प्रयास बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन ग्रामीण विकास और कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के नए द्वार खोलेंगे। इस अवसर पर कृषि विभाग के उच्चाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान और कृषक महिलाएं उपस्थित रहीं, जिन्होंने कृषि की इस बदलती तस्वीर को बेहद करीब से महसूस किया।

Pratahkal Bureau

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