सवाई माधोपुर में गूंजी बेटियों की हुंकार: राष्ट्रीय बालिका दिवस पर चिकित्सा विभाग ने जगाई अलख, रची गई बदलाव की नई इबारत
सवाई माधोपुर में राष्ट्रीय बालिका दिवस 2026 पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत खंडार और जिला मुख्यालय पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किए। डॉ. अनिल कुमार जैमिनी की उपस्थिति में छात्राओं ने पोस्टर व नारों के जरिए भ्रूण हत्या के खिलाफ आवाज उठाई और एनीमिया जांच व स्वास्थ्य परामर्श प्राप्त किया। मुखबिर योजना और डीकोय कार्रवाई की जानकारी के साथ बेटियों के सम्मान की शपथ ली गई।

सवाई माधोपुर। बेटियां भविष्य की नींव हैं और उनके बिना एक सशक्त समाज की कल्पना बेमानी है। इसी संकल्प को दोहराते हुए सवाई माधोपुर जिले में 'राष्ट्रीय बालिका दिवस 2026' के उपलक्ष्य में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा पीसीपीएनडीटी अनुभाग के तत्वावधान में कार्यक्रमों की एक ऐसी श्रृंखला आयोजित की गई, जिसने जन-मानस को बेटियों के सम्मान और सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का नया मार्ग प्रशस्त किया। जिले के खंडार ब्लॉक से लेकर जिला मुख्यालय तक आयोजित इन कार्यक्रमों में न केवल छात्राओं की प्रतिभा निखर कर सामने आई, बल्कि भ्रूण लिंग परीक्षण जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ एक निर्णायक युद्ध का बिगुल भी फूंका गया।
आयोजन का आगाज 23 जनवरी 2026 को खंडार ब्लॉक के लहसोड़ा गांव से हुआ, जहां पीएम श्री महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय और राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रांगण में छात्राओं के लिए विशेष परामर्श सत्र और स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाए गए। इस दौरान किशोरियों की एनीमिया जांच की गई और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य प्रबंधन के गुर सिखाए गए। कार्यक्रम की सार्थकता तब और बढ़ गई जब छात्राओं ने 'बेटी अनमोल है' और 'भ्रूण लिंग परीक्षण को ना कहें' जैसे गंभीर विषयों पर पोस्टर प्रतियोगिता और नारा लेखन के माध्यम से अपनी संवेदनाओं को कैनवास पर उकेरा। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य मनोज मीणा, उप प्राचार्य नरेंद्र कुमार वर्मा, पूर्व सरपंच शिवराज सिंह चौहान, अनीता मीणा और डीपीसी पीसीपीएनडीटी आशीष गौतम सहित व्याख्याताओं एवं शिक्षकों ने विजेताओं को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम का दूसरा चरण 24 जनवरी को जिला मुख्यालय पर स्थित एएनएम प्रशिक्षण केंद्र और बीएससी नर्सिंग कॉलेज में और भी अधिक ऊर्जा के साथ संपन्न हुआ। यहां मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जैमिनी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए बेटा-बेटी में भेदभाव न करने और समाज में व्याप्त लिंग चयन की कुप्रथा को जड़ से मिटाने का आह्वान किया। डॉ. जैमिनी ने राज्य सरकार द्वारा बालिकाओं के हित में संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी और उपस्थित सभी जनों को लिंग चयन न करने तथा ऐसा करने वालों की सूचना विभाग को देने की शपथ दिलाई। वहीं, केस ऑफिसर एवं जिला कार्यक्रम समन्वयक आशीष गौतम ने मुखबिर प्रोत्साहन योजना और डीकोय कार्रवाई की जटिल प्रक्रियाओं को समझाते हुए बताया कि कैसे एक सजग नागरिक की पुख्ता सूचना भ्रूण हत्या के पाप को रोक सकती है।
समारोह के समापन पर आयोजित पोस्टर, नारा लेखन और कविता पाठ प्रतियोगिता ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। इन प्रतियोगिताओं की विजेताओं को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जैमिनी, प्राचार्य डॉ. सैयद वलिग अहमद, डीपीसी आशीष गौतम और सुनील कुमार जैमिनी सहित अन्य गणमान्य आचार्यों द्वारा सम्मानित किया गया। यह आयोजन केवल एक सरकारी औपचारिकता मात्र नहीं था, बल्कि सवाई माधोपुर की धरा से बेटियों के हक में उठी वह बुलंद आवाज थी, जो आने वाले समय में एक स्वस्थ और संतुलित समाज के निर्माण की गारंटी देती है।

