गुरु कृपा से खिली सफलता की संभावना : साध्वीश्री लक्ष्यप्रभाजी ने मंगल भावना समारोह में दी प्रेरणा
तेरापंथ भवन, आदर्श नगर में आयोजित मंगल भावना समारोह में साध्वीश्री लक्ष्यप्रभाजी ने कहा कि गुरु की कृपा दृष्टि में ही सफलता की संभावना निहित है। पावस प्रवास की पूर्णता पर आयोजित इस कार्यक्रम में श्रद्धा, भक्ति और प्रेरणा का संगम देखने को मिला, जहां समाज ने साध्वीवृन्द के प्रति आभार व्यक्त किया।

तेरापंथ भवन, आदर्श नगर। 5 नवम्बर 2025।
“गुरु की कृपा दृष्टि में ही समाहित है सफलता की संभावना।” — इन गूंजते शब्दों के साथ युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी की विदुषी सुशिष्या साध्वीश्री लक्ष्यप्रभाजी ने पावस प्रवास की परिसंपन्नता पर आयोजित मंगल भावना समारोह को आत्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत कर दिया। श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा आदर्श नगर द्वारा आयोजित यह गरिमामय कार्यक्रम साध्वीवृन्द के सानिध्य में तेरापंथ भवन में संपन्न हुआ, जिसमें श्रद्धा, भक्ति और प्रेरणा का संगम दिखाई दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ साध्वीश्री लक्ष्यप्रभाजी द्वारा नमस्कार महामंत्र के उच्चारण से हुआ। इस अवसर पर नगर के अनेक गणमान्य श्रावक-श्राविकाओं ने चातुर्मास की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए साध्वीवृन्द के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। पूर्व पार्षद एवं सुश्राविका चंदा जैन, पूर्व व्याख्याता मंजु जैन, महिला मंडल अध्यक्ष मंजु जैन, कोषाध्यक्ष धनलक्ष्मी जैन, तेरापंथी सभा सवाई माधोपुर के सक्रिय श्रावक नरेन्द्र जैन झंडे वाले, युवक परिषद अध्यक्ष भीकम जैन, पूर्व प्रधानाचार्य शोभा जैन, सभा अध्यक्ष कमलेश जैन एडवोकेट सहित अनेक समाजसेवियों व उपासकों ने अपने विचार प्रकट किए।
महिला मंडल, युवक परिषद, कन्या मंडल तथा ज्ञानशाला के बालक-बालिकाओं ने अपनी सामूहिक गीतिकाओं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को जीवंत बना दिया। ज्ञानशाला के नन्हें विद्यार्थियों ने साध्वीवृन्द के व्यक्तित्व और कार्य के प्रेरक चित्रण पर आधारित लघु नाटिका प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। सभा के मंत्री नरेन्द्र जैन ने साध्वीश्री के पावस प्रवास की ज्ञान, दर्शन, चरित्र और तप की उल्लेखनीय उपलब्धियों का विवरण प्रस्तुत करते हुए समुदाय की सक्रिय भागीदारी की सराहना की।
अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में साध्वीश्री लक्ष्यप्रभाजी ने कहा कि पावस प्रवास की सभी उपलब्धियां गुरु आचार्यश्री महाश्रमणजी की कृपा दृष्टि का ही परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि “गुरु की कृपा में ही जीवन की दिशा और सफलता का आधार निहित है।” साध्वीश्री ने श्रावक-श्राविकाओं को अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने, सतत् क्रमशील बनने तथा जीवन में सीखे हुए सदाचारों को आचरण में उतारने की प्रेरणा दी। उन्होंने ज्ञानशाला को समाज के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला बताते हुए उसके नियमित संचालन की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम का कुशल संचालन सभा मंत्री नरेन्द्र जैन ने किया। समारोह के समापन पर साध्वीवृन्द के आगामी मंगल विहार की शुभकामनाएं व्यक्त की गईं। साध्वीश्री लक्ष्यप्रभाजी 6 नवम्बर प्रातः 7:35 बजे तेरापंथ भवन, आदर्श नगर से पदविहार कर राजनगर के लिए प्रस्थान करेंगी और जनवरी माह में आचार्यश्री के सान्निध्य में उपस्थित होंगी।
यह समारोह केवल चातुर्मास की पूर्णता का नहीं, बल्कि साध्वीवृन्द की साधना, समाज की श्रद्धा और गुरु कृपा के प्रति कृतज्ञता का उत्सव बन गया।
- "साध्वीश्री लक्ष्यप्रभाजीगुरु कृपामंगल भावना समारोहतेरापंथ भवन आदर्श नगरआचार्यश्री महाश्रमणजीपावस प्रवासतेरापंथी सभा आदर्श नगरजैन समाजजैन धर्मचातुर्मास समापननरेन्द्र जैनमहिला मंडल तेरापंथयुवक परिषदज्ञानशाला कार्यक्रमJain Terapanth Adarsh NagarMahashraman AcharyaSadhvi Lakshyaprabha JiPawas PravasMangal Bhavana Samaroh

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
