करौली में सडकों पर काल बनकर दौड़ते वाहनों पर कसेगा शिकंजा, कलेक्टर ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
करौली में जिला कलक्टर नीलाभ सक्सेना की अध्यक्षता में आयोजित सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। ओवरलोडिंग, बाल वाहिनी एसओपी और अतिक्रमण हटाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर कड़े फैसले लिए गए हैं। जानें कैसे प्रशासन जिले की सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए मास्टर प्लान तैयार कर रहा है।

करौली। सड़कों पर बढ़ती दुर्घटनाओं को रोकने और यातायात व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के उद्देश्य से करौली जिला मुख्यालय पर एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक हलचल देखी गई। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कलक्टर नीलाभ सक्सेना की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक संपन्न हुई, जिसमें जिले की सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए कड़े और निर्णायक दिशा-निर्देश जारी किए गए। कलक्टर ने स्पष्ट किया कि यातायात नियमों का उल्लंघन अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ प्रशासन पूरी सख्ती से पेश आएगा।
बैठक के दौरान जिला कलक्टर नीलाभ सक्सेना ने सड़कों पर अनुशासन कायम करने के लिए अधिकारियों को सीधे आदेश दिए। उन्होंने विशेष रूप से ओवरलोडिंग, बिना नंबर प्लेट के घूमते वाहनों और बड़े स्टिकर लगाकर पहचान छिपाने की कोशिश करने वालों पर पैनी नजर रखने को कहा। नशे में वाहन चलाने, तेज रफ्तार और हेलमेट या सीट बेल्ट न लगाने जैसी जानलेवा प्रवृत्तियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने के निर्देश दिए गए। कलक्टर ने जोर देकर कहा कि सड़कों पर सुरक्षा केवल एक नियम नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के जीवन की गारंटी होनी चाहिए।
स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन अत्यंत गंभीर नजर आया। बाल वाहिनी संचालन के लिए निर्धारित एसओपी (SOP) का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कलक्टर ने कहा कि सभी चालकों और परिचालकों का स्वास्थ्य परीक्षण और आंखों की दृष्टि जांच अनिवार्य रूप से की जाए। बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी अनधिकृत वाहन या अयोग्य चालक को बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही, जिले में वाहन फिटनेस की नियमित जांच, अवैध रूप से संशोधित किए गए वाहनों पर कार्रवाई और सड़क किनारे से अतिक्रमण हटाने की योजना पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
शहर की सुंदरता और सुगमता को प्रभावित करने वाले अवैध पार्किंग, डिवाइडर कट्स और सड़कों पर घूमते आवारा पशुओं के नियंत्रण के लिए संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई हेतु पाबंद किया गया। सड़कों पर दृश्यता बढ़ाने के लिए व्हाइट लाइनिंग और साइनबोर्ड लगाने के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए ताकि भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं को न्यूनतम किया जा सके। इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रशासनिक अमले की सक्रियता रही, जिसमें अतिरिक्त जिला कलक्टर हेमराज परिडवाल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी शिवचरण मीना, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियन्ता डीके गुप्ता, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. गंगासहाय मीणा और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सहायक निदेशक धर्मेन्द्र मीणा सहित कई जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन के इस कड़े रुख से स्पष्ट है कि करौली की सड़कों पर अब सुरक्षा और अनुशासन का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है।

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