सवाई माधोपुर। राजस्थान की पारंपरिक मांडना कला को संरक्षित करने और ग्रामीण महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से निमली खुर्द गांव में आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण एवं चयन शिविर शुक्रवार को सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया। आयाम कला एवं संस्कृति संस्थान, जयपुर द्वारा संचालित इस विशेष शिविर में गांव की 15 महिला चित्रकारों ने भाग लिया, जिनमें से 10 कुशल कलाकारों का चयन आगे के प्रशिक्षण और रोजगार अवसरों के लिए किया गया।

शिविर के दौरान संस्था के विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों की कलात्मक समझ, रेखांकन, रंग संयोजन और पारंपरिक मांडना शैलियों पर उनकी पकड़ को परखा। चयनित कलाकारों के लिए अब जयपुर में छह दिवसीय विशेष कार्यशाला आयोजित की जाएगी, जहां उन्हें बड़े कागज, कपड़े और पक्की दीवारों पर मांडना कला की उन्नत तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। संस्था ने स्पष्ट किया कि कार्यशाला के बाद इन कलाकारों को सतत रोजगार से जोड़ने के लिए योजनाबद्ध प्रयास किए जाएंगे।

प्रशिक्षण अवधि के दौरान जयपुर आने-जाने की व्यवस्था, रहने की सुविधा और उचित दिहाड़ी भी संस्था द्वारा सुनिश्चित की जाएगी, ताकि महिलाएं पूरी निष्ठा से प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें। स्थानीय स्तर पर सहयोग के लिए संस्था ने प्रियंका मीणा और उनके परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया और बताया कि भविष्य में भी महिला कलाकारों को नियमित रोजगार दिलाने के लिए प्रियंका मीणा के माध्यम से संपर्क बनाए रखा जाएगा।

‘मांडना मांडो – रोजगार पाओ’ अभियान ग्रामीण महिलाओं की कला को नए मंच देने, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और पारंपरिक लोक कला को नए आयामों में प्रसारित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है। यह पहल न केवल राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर को पुनर्जीवित कर रही है, बल्कि स्थानीय महिलाओं के जीवन में आर्थिक सशक्तिकरण का नया अध्याय भी जोड़ रही है।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story