तेईसवें अखिल भारतीय ज्योतिष महासम्मेलन का भव्य शुभारंभ, टोंक से गूंजा ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का संदेश
टोंक में 23वें अखिल भारतीय ज्योतिष महासम्मेलन का भव्य आयोजन कुमारी मनु की 31वीं पुण्यतिथि पर हुआ। राष्ट्रीय स्तर के इस सम्मेलन में ज्योतिषीय विमर्श के साथ ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ और बाल विवाह निषेध का सशक्त सामाजिक संदेश दिया गया।

टोंक। ज्योतिष और सामाजिक चेतना के संगम का साक्षी बना टोंक शहर उस समय, जब मनु ज्योतिष एवं वास्तु शोध संस्थान के तत्वावधान में 23वें अखिल भारतीय ज्योतिष महासम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। कुमारी मनु की 31वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन का शुभारंभ जानकी बाई गेस्ट हाउस में दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसमें देशभर से आए विद्वानों, शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की।
अखिल भारतीय ज्योतिष संस्था संघ (पं.) नई दिल्ली एवं भारतीय ज्योतिष विज्ञान एवं वैदिक खगोल शास्त्र संस्था जयपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन में मंचासीन विद्वानों का पारंपरिक रूप से माला, दुपट्टा एवं साफा पहनाकर सम्मान किया गया। संस्थान के निदेशक बाबूलाल शास्त्री ने सम्मेलन की भूमिका रखते हुए इसे ज्योतिष विज्ञान के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया।
सम्मेलन के मुख्य अतिथि मेवाड़ विश्वविद्यालय, गंगरार चित्तौड़गढ़ के ज्योतिष विभागाध्यक्ष डॉ. ओम प्रकाश शर्मा रहे, जबकि अध्यक्षता सेंट सोल्जर स्कूल शिक्षा समिति टोंक के निदेशक बाबूलाल शर्मा ने की। विशिष्ट अतिथियों में सरपंच संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष हंसराज फागणा सहित शिक्षा, साहित्य, पत्रकारिता एवं सामाजिक संगठनों से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. ओम प्रकाश शर्मा ने अपने व्याख्यान में वैदिक ज्योतिष के वैज्ञानिक पक्ष पर प्रकाश डालते हुए कुंडली मिलान, दाम्पत्य जीवन में ग्रहों के प्रभाव तथा दोष निवारण की व्यावहारिक जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि विवाह संबंधी गुण मिलान में शुक्र ग्रह और गृह मैत्री का विशेष महत्व होता है, जबकि सूर्य, शनि, राहु और मंगल जैसे ग्रहों के अशुभ प्रभाव जीवन में बाधाएं उत्पन्न कर सकते हैं।
सम्मेलन का एक महत्वपूर्ण पक्ष सामाजिक जागरूकता रहा। संस्था द्वारा ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का संदेश दिया गया, वहीं सिकोई डिकोन संस्था टोंक के परियोजना समन्वयक देवेन्द्र जांगीड़ एवं डॉ. पवन सागर ने उपस्थित विद्वानों को बाल विवाह न कराने का संकल्प दिलाया। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम से संबंधित जागरूकता साहित्य का वितरण कर सामाजिक दायित्व का निर्वहन किया गया।
संस्थान निदेशक बाबूलाल शास्त्री ने ज्योतिष को जीवन का बोध कराने वाला विज्ञान बताते हुए कहा कि कुंडली विश्लेषण के माध्यम से जीवन की समस्याओं का समाधान संभव है। टोंक चैप्टर अध्यक्ष बसंती लाल चौधरी ने संस्था की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। समापन अवसर पर सभी विद्वानों एवं अतिथियों को सम्मान पत्र, फ्यूचर पंचांग कैलेंडर 2026 एवं डॉ. टीना जैन द्वारा लिखित पुस्तक ‘वास्तु दर्पण’ भेंट की गई।
देशभर से आए विद्वानों और समाजसेवियों की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न यह महासम्मेलन न केवल ज्योतिषीय विमर्श का मंच बना, बल्कि सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जागरूकता का सशक्त संदेश भी देकर टोंक को राष्ट्रीय पटल पर एक नई पहचान दिला गया।
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