निरंकारी मिशन का 'स्वच्छ जल स्वच्छ मन' अभियान: 930 शहरों में आयोजन
सतगुरु माता सुदीक्षा जी के मार्गदर्शन में 25 राज्यों के 1600 स्थानों पर जल संरक्षण और स्वच्छता के लिए सेवा दल ने चलाया व्यापक अभियान।

गंगापुर सिटी में 'स्वच्छ जल, स्वच्छ मन' अभियान के दौरान बाईपास रोड स्थित सत्संग भवन के पास जल संरक्षण हेतु सफाई करते निरंकारी सेवा दल के सदस्य।
‘स्वच्छ जल, स्वच्छ मन’ अभियान का चतुर्थ चरण
सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी के मार्गदर्शन में इस भव्य एवं प्रेरणास्पद आयोजन ने पूरे देश में सफलता प्राप्त की:
- भारतवर्ष के 25 राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों में आयोजन।
- 930 शहरों के 1600 से अधिक स्थानों पर अभियान सफलतापूर्वक सम्पन्न।
गंगापुर सिटी में सेवा और समर्पण
इसी क्रम में गंगापुर सिटी के निरंकारी सत्संग भवन (बायपास रोड) की भूमि पर स्वच्छता अभियान का कार्य संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम का नेतृत्व निम्नलिखित गणमान्य सदस्यों द्वारा किया गया:
- अध्यक्षता: मुखी बहन पुष्पा रानी
- देखरेख: सेवादल संचालक विनोद बैरवा जी
इस अभियान में सेवादल के भाई बहनों के साथ-साथ श्रद्धालु भाई बहनों ने भी बढ़-चढ़ कर भाग लेकर सतगुरु माताजी के आशीवादों के पात्र बने।
सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के अमृतमय प्रवचन
इस विशेष सत्संग कार्यक्रम में सतगुरु माता जी ने भक्ति को कर्मों से जोड़ने पर बल दिया। उनके मुख्य संदेश निम्नलिखित हैं:
"बाबा जी की शिक्षाएँ केवल स्मरण करने के लिए नहीं, बल्कि जीवन में उतारने के लिए हैं। सच्ची श्रद्धांजलि शब्दों से नहीं, बल्कि कर्मों से दी जाती है। यदि हम स्वयं को उनके अनुयायी कहते हैं, तो हमें आत्ममंथन करना होगा कि क्या हम वास्तव में प्रेम, सेवा, करुणा और समदृष्टि जैसे मानवीय गुणों को अपने जीवन में धारण कर रहे हैं।"
"बाबा हरदेव सिंह जी महाराज का सम्पूर्ण जीवन मानव कल्याण को समर्पित रहा। उन्होंने सिखाया कि सेवा, सुमिरन और सत्संग जीवन का आधार हैं। भक्ति केवल वाणी तक सीमित न रहे, बल्कि व्यवहार में झलके - यही उनका स्पष्ट संदेश था।"
मानवीय सेवा और भविष्य की परियोजनाएं
इसी सेवा भावना को आगे बढ़ाते हुए मिशन द्वारा “संत निरंकारी हेल्थ सिटी” जैसी मानवीय सेवा परियोजनाओं को विकसित किया जा रहा है। संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के सचिव ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि:
- अभियान का शुभारम्भ सेवादल के प्रार्थना गीत से हुआ, जिससे संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो उठा।
- देशभर में प्रसारित दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित किया गया।
- सुरक्षा, अनुशासन एवं स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की गई।
निष्कर्ष: एक जीवन-दर्शन
निःसंदेह, ‘स्वच्छ जल, स्वच्छ मन’ का यह संदेश केवल एक अभियान नहीं, बल्कि एक जीवन-दर्शन है, जो जल की धाराओं में निर्मलता स्थापित करने के साथ ही मन की गहराइयों में चेतना को आलोकित करता है।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
