आगामी मानसून को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने सूरवाल डाउनस्ट्रीम क्षेत्र सहित गत वर्ष प्रभावित क्षेत्रों—अजनोटी, दुब्बी, जड़वाता, कौशली एवं पड़ाणा—का विस्तृत धरातलीय निरीक्षण कर संभावित जलभराव और कटाव की चुनौतियों से निपटने की दिशा में ठोस पहल शुरू कर दी है।

जल संसाधन विभाग के अधिशासी अभियंता अरुण शर्मा ने बताया कि संभावित जलभराव एवं कटाव की स्थिति से बचाव हेतु त्वरित एवं अस्थायी समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अजनोटी से पड़ाणा तक सूरवाल बांध की मुख्य नहर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान वर्षाजल एवं ओवरफ्लो पानी के प्रभावी निकास के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं का परीक्षण किया गया और नहर में अतिरिक्त जल को सुरक्षित रूप से डायवर्ट करने की संभावनाओं पर तकनीकी रूप से विचार किया गया।

उन्होंने बताया कि जड़वाता क्षेत्र में डाउनस्ट्रीम भाग का निरीक्षण कर कटाव प्रभावित स्थलों का पुनः आकलन किया गया तथा कटाव रोकथाम के लिए तकनीकी प्रस्ताव तैयार करने हेतु आवश्यक बिंदुओं का संकलन किया गया। वहीं दुब्बी बनास क्षेत्र में छोटे एनीकट निर्माण के लिए उपयुक्त स्थलों का चयन भी किया गया, जिससे जल प्रवाह को नियंत्रित कर कटाव की समस्या को कम किया जा सके।

इसके अतिरिक्त जड़वता माइनर के अंतिम छोर तक मौका निरीक्षण कर नहर के अंतिम छोर को दुब्बी नाले से जोड़ने की संभावनाओं का परीक्षण किया गया, ताकि अतिरिक्त जल निकासी को सुचारु और प्रभावी बनाया जा सके।

अधिशासी अभियंता ने स्पष्ट किया कि विभाग द्वारा किए गए इस व्यापक निरीक्षण के आधार पर आगामी मानसून से पूर्व आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी, जिससे क्षेत्र में जलभराव और कटाव की समस्याओं का प्रभावी समाधान किया जा सके और संभावित नुकसान को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।

Pratahkal Bureau

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