कृषि यंत्रीकरण योजना से बदली युवा किसान शिवराज की तस्वीर, मल्टीक्रॉप थ्रेसर से बने आत्मनिर्भर
सवाई माधोपुर के युवा किसान शिवराज ने कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत मल्टीक्रॉप थ्रेसर खरीदकर खेती को आधुनिक बनाया और अतिरिक्त आय का नया रास्ता तैयार किया।

तस्वीर में एक बड़े हरे और पीले रंग के मल्टीक्रॉप थ्रेसर कृषि यंत्र के साथ खड़े तीन ग्रामीण पुरुष दिखाई दे रहे हैं, जिसमें बाईं ओर एक बुजुर्ग व्यक्ति सफेद कपड़ों में और दाईं ओर दो युवा खड़े हैं।
कृषि विभाग द्वारा संचालित सबमिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन योजना किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ते हुए खेती को अधिक उत्पादक, समयबद्ध और लाभकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। ग्राम पंचायत झोंपड़ा के ग्राम नाहरी झरकुंड निवासी युवा किसान शिवराज पुत्र किशन गुर्जर इसकी प्रेरणादायक मिसाल बनकर सामने आए हैं। उन्होंने मल्टीक्रॉप थ्रेसर खरीदकर खेती में आधुनिक यंत्रीकरण को अपनाया और अपनी कृषि को नई दिशा दी।
शिवराज पहले गेहूं, चना, सरसों सहित अन्य फसलों की मड़ाई के लिए किराये के थ्रेसर पर निर्भर रहते थे। इससे समय की बर्बादी होने के साथ-साथ उत्पादन लागत भी बढ़ जाती थी। कृषि पर्यवेक्षक विक्रम सिंह गुर्जर के मार्गदर्शन में उन्होंने राजकिसान पोर्टल पर आवेदन किया। प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद उन्होंने मल्टीक्रॉप थ्रेसर खरीदा। इसके बाद सहायक कृषि अधिकारी मियाराम मीना एवं कृषि पर्यवेक्षक द्वारा भौतिक सत्यापन किया गया, जिसके उपरांत उन्हें 40 प्रतिशत यानी 1.80 लाख रुपये का अनुदान डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खाते में प्राप्त हुआ।
मल्टीक्रॉप थ्रेसर के उपयोग से अब फसलों की मड़ाई कम समय, कम लागत और अधिक दक्षता के साथ होने लगी है। इससे श्रम लागत में कमी आई है, कटाई के बाद होने वाले नुकसान में भी कमी दर्ज हुई है तथा अगली फसल की समय पर बुवाई सुनिश्चित हो रही है। वर्तमान में शिवराज अपनी खेती के साथ-साथ आसपास के किसानों को भी थ्रेसिंग सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय का स्रोत भी मिल रहा है।
ग्रामीण सेवा शिविर में युवा किसान शिवराज ने अपनी सफलता की कहानी साझा करते हुए बताया कि कृषि यंत्रीकरण योजना ने उनकी खेती को आधुनिक, लाभकारी और आत्मनिर्भर बनाया है। उन्होंने राज्य सरकार और कृषि विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि योजनाओं का समय पर लाभ मिलने से किसानों की आय बढ़ रही है तथा आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग से खेती अधिक वैज्ञानिक और टिकाऊ बन रही है।
शिवराज ने अन्य किसानों से भी विभागीय योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाकर आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की अपील की। आज वे अपने क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत बन चुके हैं और कृषि यंत्रीकरण योजना का लाभ लेकर आत्मनिर्भर खेती की दिशा में एक सफल उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं।

Pratahkal Bureau
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