सिगौर कलां में आवारा कुत्तों का आतंक: 20 दिन में चार गाय-भैंस के बच्चों का शिकार
सिगौर कलां में आवारा कुत्तों के आतंक से ग्रामीण परेशान हैं। 20 दिनों में चार गाय और भैंस के बच्चों का शिकार होने से पशुपालकों में भय व्याप्त है। ग्रामीणों ने प्रशासन से कुत्तों को पकड़कर जंगल में छोड़ने की अपील की है। प्रशासन ने निगरानी बढ़ाने और नियंत्रण उपायों का आश्वासन दिया है।

खंडार उपखंड मुख्यालय की ग्राम पंचायत सिगौर कलां में इन दिनों आवारा कुत्तों का आतंक ग्रामीणों के लिए भारी चिंता का विषय बन गया है। पिछले 20 दिनों में आवारा कुत्तों ने चार गाय और भैंस के बच्चों को अपना शिकार बनाया है, जिससे पशुपालकों में सुरक्षा को लेकर भय और आक्रोश व्याप्त है।
सामाजिक कार्यकर्ता बलवीर बैरवा ने स्थानीय मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि सबसे पहले 12 अक्टूबर 2025 की रात को ग्रामीण बनवारी लाल पुत्र मथुरालाल बैरवा के बाड़े में भैंस का पाड़ा आवारा कुत्तों का शिकार बन गया। इसके बाद 18 अक्टूबर को चिरंजी बैरवा पुत्र अर्जून बैरवा के बाड़े में बंधे भैंस के पाड़े को भी कुत्तों ने मार डाला। 26 अक्टूबर को रामभजन पुत्र आशाराम बैरवा की गाय की बछिया और 29 अक्टूबर की रात को मनोहर बैरवा पुत्र कोरया बैरवा की गाय का बच्चा भी इसी तरह के हमले का शिकार हुआ।
ग्रामीणों का कहना है कि आवारा कुत्तों की यह दहशत लगातार बढ़ती जा रही है और इससे जनहानि की संभावना भी बढ़ गई है। बनवारीलाल बैरवा, ब्रजेश कुमार बैरवा, रिंकेश बैरवा, चिरंजी बैरवा, मुकेश बैरवा, मनोज बैरवा और नवल बैरवा सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि इन आवारा कुत्तों को पकड़कर अन्यत्र जंगल में छोड़ा जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
स्थानीय प्रशासन और वन विभाग ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और आवारा पशुओं को नियंत्रित करने के उपाय करने की बात कही है। ग्रामीणों की सुरक्षा और उनके पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता में रखा गया है।
सिगौर कलां में आवारा कुत्तों का यह आतंक न केवल पशुपालकों के लिए आर्थिक नुकसान का कारण बन रहा है, बल्कि इलाके की सामाजिक सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। ऐसे मामलों की त्वरित रोकथाम और प्रशासनिक कार्रवाई आवश्यक प्रतीत हो रही है।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
