पूर्वी राजस्थान के जल संकट का समाधान: डूंगरी बांध का निर्माण प्रारंभ
राजस्थान सरकार ने पूर्वी राजस्थान के जल संकट को दूर करने के लिए डूंगरी बांध का निर्माण प्रारंभ किया। यह परियोजना सवाई माधोपुर और करौली जिलों में सिंचाई और पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराएगी। राज्य मंत्रियों ने बांध से आर्थिक विकास, रोजगार और किसानों की आय में वृद्धि की संभावनाओं को रेखांकित किया।

सवाई माधोपुर, 21 नवम्बर। राजस्थान सरकार ने पूर्वी राजस्थान के आमजन की वर्षों पुरानी जल संबंधी मांग को पूरा करने के लिए डूंगरी बांध का निर्माण करने का औपचारिक ऐलान किया है। राज्य सरकार के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीना, जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने शुक्रवार को राज्य सचिवालय में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में इस परियोजना की जानकारी देते हुए इसे क्षेत्र के लिए मील का पत्थर बताया।
मंत्रियों ने बताया कि डूंगरी बांध, संशोधित पार्वती-कालिसिंध-चंबल लिंक परियोजना (पीकेसी परियोजना) के तहत, पूर्वी राजस्थान के किसानों और आम जनता को पेयजल और सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाया जा रहा है। इस बांध से सबसे अधिक लाभ सवाई माधोपुर और करौली जिलों को होगा। उन्होंने कहा कि यह वही क्षेत्र हैं, जो मोरेल और बनास नदियों में बरसात के दौरान अधिक पानी की आवक से प्रभावित होते हैं।
डॉ. मीना ने इस परियोजना को राजस्थान को जल आत्मनिर्भर बनाने में ऐतिहासिक कदम करार देते हुए कहा कि बांध के निर्माण से कुल 2 लाख 51 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा सृजित होगी, जिसमें मुख्यतः सवाई माधोपुर और करौली जिले की 1 लाख 25 हजार हेक्टेयर भूमि को पानी उपलब्ध कराया जाएगा। इसके परिणामस्वरूप किसानों की आय बढ़ेगी, उद्योग-धंधों और पर्यटन का विकास होगा तथा रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कहा कि डूंगरी बांध से प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा और पुनर्वास का लाभ मिलेगा। परियोजना की पूरी योजना पहले ही तैयार की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि यह परियोजना राजस्थान में पानी के संकट को दूर करने में अहम भूमिका निभाएगी और राज्य के 17 जिलों तथा लगभग 40 प्रतिशत जनसंख्या को पेयजल और सिंचाई के लिए जल उपलब्ध कराएगी।
जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने प्रभावित क्षेत्रों के किसानों और आमजन से अपील की कि वे किसी भी भ्रम में न आएं और परियोजना की वास्तविक जानकारी जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से प्राप्त करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार और विभाग आमजन को परियोजना से संबंधित सभी जानकारी देने के लिए हमेशा तत्पर हैं।
इस परियोजना से पूर्वी राजस्थान में कृषि उत्पादन, जल प्रबंधन और आर्थिक विकास को बल मिलेगा। डूंगरी बांध न केवल पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा बल्कि क्षेत्र की सामाजिक-आर्थिक संरचना को भी सुदृढ़ बनाएगा।
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Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
