गंगापुर सिटी। धार्मिक आस्था और भक्ति की अनुपम छटा के बीच गुरुवार को श्री गोवर्धन धाम में श्रीमद्भागवत अष्टोत्तरशत मूल परायण का भव्य शुभारंभ हुआ। यह आयोजन श्री भगवत कृपा मंडल के तत्वाधान में पंडित बनवारी लाल शास्त्री की पावन सानिध्य में आयोजित किया गया। इस अवसर पर जतीपूरा धाम से श्री हरजी कुंड तक कलश यात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में भक्तगण जयकारों और भजनों के बीच कथा स्थल गंगाधाम पहुँचे।

कलश यात्रा के मार्ग पर भक्तजन नृत्य और भजनों के साथ चल रहे थे, और रास्ते में जगह-जगह उनका भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर भागवत आचार्य पंडित बनवारी लाल शास्त्री ने प्रथम दिवस भागवत कथा के महात्त्व और महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भागवत कथा अमृत रूपी है, जिसके श्रवण से पापों का नाश होता है और व्यक्ति का परमात्मा से सीधा जुड़ाव स्थापित होता है। उन्होंने आगे कहा कि भक्त धीरे-धीरे परमात्मा की भक्ति में लीन होकर सदमार्ग पर चलते हुए अपने कर्म भी कर्तव्यनिष्ठा से संपन्न करता है।

इस दिव्य आयोजन में मुख्य यजमान के रूप में मनीष शर्मा (भोपाल), महेश शर्मा, चन्द्रशेखर दुबे, पंडित मोहनाचार्य, मुकुट शर्मा, गजराज सिंह, प्रह्लाद सिंह और कौशल शर्मा सहित बड़ी संख्या में भक्तगण उपस्थित रहे। इस प्रकार यह आयोजन धार्मिक भावनाओं और सामाजिक सामंजस्य का प्रतीक बनकर उभरा, जिसने उपस्थित प्रत्येक श्रद्धालु के हृदय में भक्ति और प्रेम की गहरी अनुभूति कराई।

श्री गोवर्धन धाम में प्रारंभ हुई यह अष्टोत्तरशत मूल भागवत परायण कथा न केवल धार्मिक अनुष्ठान का महत्व दर्शाती है, बल्कि समाज में संस्कार और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार का भी संदेश देती है।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story