प्रो. श्रवण कुमार मीना जय मीनेश आदिवासी विश्वविद्यालय के कुलपति नियुक्त
जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के पूर्व डीन प्रो. मीना रानपुर स्थित भारत के पहले निजी आदिवासी विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता और अनुसंधान को बढ़ावा देंगे।

राजस्थान के बहु-प्रचारित और प्रतिष्ठित जय मीनेश आदिवासी विश्वविद्यालय, रानपुर (कोटा) के सर्वोच्च प्रशासनिक पद पर प्रख्यात शिक्षाविद् प्रोफेसर श्रवण कुमार मीना को वाइस चांसलर/प्रेसिडेंट नियुक्त किया गया है। सवाई माधोपुर जिले के अजनोटी गांव के मूल निवासी प्रो. मीना का चयन विश्वविद्यालय के शैक्षणिक उत्कर्ष और संस्थागत विकास की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है। उनकी नियुक्ति पर विश्वविद्यालय परिवार की ओर से चेयरपर्सन आर.डी.मीना ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका भव्य स्वागत किया और नवागत कुलपति को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
प्रोफेसर श्रवण कुमार मीना उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में एक सुदीर्घ और प्रभावशाली अनुभव रखने वाले व्यक्तित्व हैं। इससे पूर्व उन्होंने जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के हिंदी तथा पत्रकारिता विभाग में प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। वे कला संकाय, शिक्षा संकाय एवं सामाजिक विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता (डीन) जैसे महत्वपूर्ण पदों से सेवानिवृत्त हुए हैं। उनकी प्रशासनिक दक्षता का प्रमाण उनके द्वारा सिंडिकेट, एकेडमिक काउंसिल, डिपार्टमेंटल रिसर्च कमेटी और बोर्ड ऑफ स्टडीज जैसी प्रमुख शैक्षणिक समितियों में निभाई गई सक्रिय भूमिका से मिलता है। हिंदी साहित्य, आदिवासी अध्ययन, सामाजिक विकास एवं उच्च शिक्षा प्रबंधन में विशेषज्ञता रखने वाले प्रो. मीना ने अपने पूरे शैक्षणिक जीवन में विश्वविद्यालयीय ढांचे को सुदृढ़ करने में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
प्रेसिडेंट का पदभार ग्रहण करते हुए प्रोफेसर मीणा ने विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता को निखारने, अनुसंधान गतिविधियों को गति प्रदान करने तथा आदिवासी समाज के समग्र विकास हेतु नवाचारपूर्ण पहल करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने अपनी नियुक्ति पर हर्ष व्यक्त करते हुए संकल्प लिया कि सभी हितधारकों के सहयोग से इस विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर एक उत्कृष्ट संस्थान के रूप में स्थापित किया जाएगा। उनकी इस उपलब्धि पर शिक्षाविदों, शुभचिंतकों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों ने उन्हें बधाइयां दी हैं।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 में स्थापित जय मीनेश आदिवासी विश्वविद्यालय (JMAU) भारत का पहला निजी आदिवासी विश्वविद्यालय है। इस संस्थान का मूल ध्येय आदिवासी संस्कृति और अध्ययन के लिए एक वैश्विक केंद्र विकसित करना है, ताकि सभी समुदायों सहित विशेष रूप से जनजातीय छात्रों को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध हो सके। प्रो. मीना के नेतृत्व में विश्वविद्यालय अब अपने इन गौरवशाली लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु एक नए युग की शुरुआत करने को तत्पर है।

Pratahkal Hub
प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"
